समस्तीपुर में जर्जर सड़क पर धान रोपकर ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, 10 साल से जलजमाव से परेशानी

 

समस्तीपुर जर्जर सड़क: पानी से भरी सड़क पर ग्रामीणों ने की धान की रोपाई, 10 साल से सड़क निर्माण की मांग

समस्तीपुर जर्जर सड़क की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। समस्तीपुर जर्जर सड़क को लेकर खानपुर प्रखंड के पुरुषोत्तमपुर अन्नु पंचायत के ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। वर्षों से खराब सड़क और जलजमाव से परेशान लोगों ने सड़क पर भरे पानी में धान की रोपाई कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 10 वर्षों से सड़क की स्थिति बदहाल है और कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

सड़क पर धान लगाकर जताया विरोध

शनिवार को वार्ड संख्या-7 हरिहरपुर खेढ़ी में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने सड़क पर जमा पानी में धान की रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब सड़क की मरम्मत नहीं हो रही है और वह खेत जैसी दिखाई देने लगी है, तो उसमें खेती ही कर ली जाए। यह प्रदर्शन प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाने का प्रतीकात्मक प्रयास था।

10 वर्षों से खराब है सड़क, बरसात में बढ़ जाती है परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार सड़क कई वर्षों से जर्जर अवस्था में है। बरसात के मौसम में सड़क पर महीनों तक पानी जमा रहता है, जिससे सामान्य आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। पानी भर जाने के कारण यह समझना भी कठिन हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां।

दुर्घटनाओं और बीमारियों का बढ़ रहा खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों और जलजमाव के कारण आए दिन बाइक चालक और राहगीर दुर्घटना का शिकार होते हैं।

उनका दावा है कि कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं और कुछ मामलों में हाथ-पैर टूटने जैसी घटनाएं भी हुई हैं। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छर और कीड़े-मकोड़ों की संख्या बढ़ गई है, जिससे वायरल और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।

सड़क और नाला निर्माण का मिला था आश्वासन

स्थानीय लोगों के अनुसार, 15 मई को क्षेत्रीय विधायक मांजरिक मृणाल ने सड़क का निरीक्षण किया था।

ग्रामीणों का कहना है कि उस समय सड़क और नाला निर्माण जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, उनके अनुसार अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे लोगों में निराशा और नाराजगी बढ़ी है।

इस संबंध में निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति पर संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जल निकासी नहीं होने से बनी रहती है समस्या

ग्रामीणों का कहना है कि समस्या की सबसे बड़ी वजह उचित जल निकासी व्यवस्था का अभाव है।

बरसात के दौरान पानी सड़क पर जमा हो जाता है और लंबे समय तक नहीं निकलता। इससे लोगों को रोजमर्रा के काम, स्कूल, बाजार और अस्पताल आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि स्थायी नाला निर्माण हो जाए तो जलजमाव की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

प्रशासन से क्या मांग कर रहे हैं ग्रामीण?

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की।

उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

  • जर्जर सड़क का शीघ्र पुनर्निर्माण।
  • स्थायी जल निकासी के लिए नाला निर्माण।
  • बरसात में आवागमन के लिए सुरक्षित व्यवस्था।
  • दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क की तत्काल मरम्मत।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जा सकता है।

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

प्रदर्शन के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि अब यह सड़क कम और खेत ज्यादा दिखाई देती है।

उनका कहना था कि वर्षों से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। इसलिए धान की रोपाई कर उन्होंने अपनी परेशानी को प्रतीकात्मक तरीके से प्रशासन के सामने रखने की कोशिश की।

प्रदर्शन में इंदु देवी, पवन कुमार झा, रौशन कुमार चौधरी, दीपक चौधरी, महेश महतो, रोशन कुमार चौधरी उर्फ बबलू, कुंदन चौधरी, चंद्रभूषण चौधरी, निर्मला देवी, आशा देवी सहित कई ग्रामीण शामिल हुए।

समस्या के समाधान पर टिकी लोगों की उम्मीद

ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके इस अनोखे प्रदर्शन के बाद संबंधित विभाग और प्रशासन जल्द सड़क निर्माण तथा जल निकासी की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।

यदि समय पर सड़क और नाला निर्माण होता है तो न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि दुर्घटनाओं और जलजनित बीमारियों का खतरा भी कम किया जा सकेगा।

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