समस्तीपुर B.Ed कॉलेज प्राचार्य आवास में 10 लाख की चोरी, दो लोगों पर शक
समस्तीपुर चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। समस्तीपुर चोरी की इस घटना में शहर के आजाद चौक स्थित अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय परिसर में बने प्राचार्य आवास से लाखों रुपये मूल्य के स्वर्णाभूषण और नकदी चोरी होने का दावा किया गया है। पीड़िता की शिकायत पर मुफस्सिल थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
बंद पड़े सरकारी आवास का ताला टूटा मिला
प्राथमिकी के अनुसार, पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन कुमार सिंह को महाविद्यालय परिसर स्थित आवास सरकारी आवास के रूप में आवंटित था। कुछ समय से यह आवास बंद पड़ा था।
जब उनकी पत्नी बबली सिंह आवास खाली करने पहुंचीं तो मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर प्रवेश करने पर पश्चिम दिशा का दरवाजा भी क्षतिग्रस्त मिला, जिससे चोरी की आशंका और गहरा गई।
अलमारी की चाबी खोजकर गहने निकालने का आरोप
पीड़िता ने बताया कि बेडरूम में रखी तीन गोदरेज अलमारियों में से एक अलमारी खुली मिली, जिसमें रखे गए सभी स्वर्णाभूषण गायब थे।
उनके अनुसार, उस अलमारी की चाबी दूसरी अलमारी में कपड़ों के बीच छिपाकर रखी गई थी। इससे प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि चोर ने पहले चाबी ढूंढी और फिर उसी से अलमारी खोलकर गहने निकाल लिए।
80 ग्राम से अधिक सोना और 85 हजार रुपये नकद गायब
शिकायत में दावा किया गया है कि चोरी में 80 ग्राम से अधिक स्वर्णाभूषण और करीब 85 हजार रुपये नकद गायब हुए हैं।
पीड़िता के अनुसार, चोरी हुए गहनों की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक है। उन्होंने पुलिस को बताया कि चोरी गए सामान का विस्तृत विवरण जांच के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 के माध्यम से पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे आवास का निरीक्षण किया और घटनास्थल की वीडियोग्राफी भी कराई।
बाद में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने मौके से विभिन्न नमूने एकत्र किए, ताकि वैज्ञानिक जांच के आधार पर घटना की सच्चाई सामने लाई जा सके।
एडमिन कंसल्टेंट और नाइट गार्ड पर जताया संदेह
आवेदन में पीड़िता ने महाविद्यालय के एक एडमिन कंसल्टेंट पर संदेह व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को आवास की पूरी जानकारी थी और उसका बेडरूम तक आना-जाना था।
इसके अलावा उन्होंने एक नाइट गार्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और दोनों की संभावित संलिप्तता की आशंका जताई है। हालांकि, यह आरोप शिकायत का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच एजेंसी को सौंपने की बात
पीड़िता ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित व्यक्ति के साथ हुई बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है।
उन्होंने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर यह रिकॉर्डिंग जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
पुलिस ने दर्ज किया केस, दो नामजद आरोपी
मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर दो लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चोरी की वारदात को किसने अंजाम दिया और शिकायत में जिन लोगों पर संदेह जताया गया है, उनकी भूमिका क्या थी।
