समस्तीपुर में बच्चों ने मचाई धूम, डांस से दिया नशामुक्त भारत का संदेश
समस्तीपुर: नशामुक्त भारत अभियान को लेकर समस्तीपुर में बच्चों की शानदार पहल देखने को मिली। नशामुक्त भारत अभियान के तहत किड्स एंड मॉम्स डांस अकैडमी के बच्चों ने अपनी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति से लोगों को जागरूक किया। बच्चों ने नृत्य के जरिए नशे के खिलाफ मजबूत संदेश दिया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।
“नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” जनजागरूकता अभियान के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के अधिकारी, गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। बच्चों की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को ऊर्जा और सकारात्मक संदेश से भर दिया।
बच्चों के डांस ने जीता लोगों का दिल
कार्यक्रम में किड्स एंड मॉम्स डांस अकैडमी के बच्चों ने नृत्य के माध्यम से समाज को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति में मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भाव भी नजर आया।
बच्चों ने अपनी कला के जरिए बताया कि युवा शक्ति देश के भविष्य की नींव है और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।
प्रस्तुति खत्म होने के बाद वहां मौजूद अतिथियों ने बच्चों की जमकर सराहना की। उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास, मेहनत और प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शिक्षा देवरे के मार्गदर्शन में हुई तैयारी
इस विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी किड्स एंड मॉम्स डांस अकैडमी की प्रिंसिपल शिक्षा देवरे के मार्गदर्शन में कराई गई।
उन्होंने बच्चों को नृत्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों को भी समझाया। इसी का परिणाम रहा कि बच्चों ने मंच पर केवल कला का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी लोगों तक पहुंचाया।
अकैडमी के डायरेक्टर राजा पोद्दार और संस्थापक रंजन गांधी ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम भी बन सकती है।
कला के जरिए समाज में बदलाव की कोशिश
राजा पोद्दार और रंजन गांधी ने कहा कि नशामुक्त भारत के निर्माण में बच्चों और युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि जब युवा पीढ़ी जागरूक होगी, तभी समाज में बड़े बदलाव संभव होंगे। सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक जरूरी संदेश आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों में छिपी प्रतिभा को सही दिशा देने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक मुद्दों से जोड़ना भी जरूरी है।
लगातार बच्चों को प्रशिक्षण दे रही अकैडमी
किड्स एंड मॉम्स डांस अकैडमी लंबे समय से बच्चों को नृत्य, संस्कृति और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में प्रशिक्षण दे रही है।
अकैडमी का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देने के साथ उन्हें आत्मविश्वासी बनाना भी है। इसके अलावा संस्था समय-समय पर सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी करती रही है।
अकैडमी से जुड़े लोगों का मानना है कि बच्चों की कला समाज तक सकारात्मक विचार पहुंचाने का मजबूत माध्यम बन सकती है।
नशामुक्त भारत के संदेश को मिली नई ताकत
समस्तीपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि सामाजिक बदलाव के लिए केवल बड़े अभियान ही नहीं, बल्कि बच्चों की छोटी-छोटी पहल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बच्चों की प्रस्तुति ने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में अहम योगदान दिया।
ऐसे कार्यक्रम युवाओं और समाज को बेहतर दिशा देने के साथ नशामुक्त भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
