धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर RJD का बड़ा तंज, 'धर्मेंद्र से शुरुआत, नरेंद्र पर होगा अंत'

 


धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देश की राजनीति में नई बहस का कारण बन गया है। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा सामने आने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि "धर्मेंद्र से शुरुआत है और नरेंद्र से अंत होगा।" यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब NEET-UG परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजने की जानकारी सार्वजनिक की। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया।

RJD ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।

पार्टी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह केवल शुरुआत है और आगे भी राजनीतिक जवाबदेही तय होगी। RJD की इस टिप्पणी को विपक्ष के राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि केंद्र सरकार की ओर से RJD की इस टिप्पणी पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

NEET विवाद के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले कुछ सप्ताह से देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर समेत विभिन्न स्थानों पर छात्र संगठन और अन्य समूह परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।

इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने इस पूरे मुद्दे को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।

इस्तीफे में क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए अपने पत्र में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

उन्होंने लिखा कि हाल के दिनों की घटनाओं ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी दुखी किया है। उनके अनुसार यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि देश के छात्रों के भविष्य का विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और परिस्थितियों से कभी पीछे नहीं हटे।

पत्र में उन्होंने परीक्षा सुधार, CBI जांच, दोबारा परीक्षा आयोजित करने और भविष्य में NEET को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।

आंदोलन और विपक्ष की राजनीति पर चर्चा

NEET-UG विवाद को लेकर कई छात्र संगठन और विभिन्न समूह लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसी दौरान विपक्षी दल भी परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।

RJD समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए, जबकि केंद्र सरकार पहले ही जांच और सुधारात्मक कदम उठाने की बात कह चुकी है।

आगे क्या हो सकता है?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजर केंद्र सरकार के अगले फैसले पर है।

संभावना है कि सरकार जल्द ही शिक्षा मंत्रालय में नई जिम्मेदारियों को लेकर फैसला ले सकती है। साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए घोषित सुधारों पर भी काम आगे बढ़ सकता है।

दूसरी ओर, विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर उठाता रहेगा या नहीं, यह आने वाले दिनों की राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

NEET विवाद क्यों बना राष्ट्रीय मुद्दा?

NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लाखों छात्र शामिल होते हैं।

ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी भी अनियमितता का असर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और उनके परिवारों पर पड़ता है। यही कारण है कि इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को जन्म दिया।

अब आगे की जांच, परीक्षा सुधार और सरकार के अगले कदम इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।

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