राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: 3 आरोपी रिमांड पर, चंपत राय से मिले गोविंद देव गिरि
CCTV फुटेज के आधार पर आगे बढ़ रही जांच
SIT की प्रारंभिक जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज को इस मामले का अहम हिस्सा माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट के अनुसार फुटेज में तीनों आरोपी कथित तौर पर चढ़ावे के नोट अपनी जेब में रखते दिखाई दिए। अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है तथा पूरी प्रक्रिया कैसे संचालित हुई। रिमांड के दौरान पूछताछ से इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे।
बड़े धार्मिक आयोजनों के खर्च की भी हो रही पड़ताल
SIT ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख धार्मिक आयोजनों से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की भी समीक्षा शुरू कर दी है। जांच टीम 22 जनवरी 2024 को हुए रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण कार्यक्रम से संबंधित बिल, वाउचर और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर लगभग 113 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जिसमें करीब 8 हजार अतिथि शामिल हुए थे। वहीं ध्वजारोहण कार्यक्रम पर लगभग 10.12 करोड़ रुपये खर्च होने का रिकॉर्ड बताया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक किसी वित्तीय अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया जारी है।
चंपत राय से मिले गोविंद देव गिरि
जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि बुधवार सुबह रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम पहुंचे, जहां उन्होंने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। पूर्व महासचिव पद छोड़ने के बाद दोनों की यह पहली सार्वजनिक मुलाकात मानी जा रही है। इससे पहले 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में भी चंपत राय शामिल नहीं हुए थे। इस मुलाकात को लेकर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।
चंपत राय ने आरोपों पर दी अपनी प्रतिक्रिया
मंगलवार को जारी एक पत्र में चंपत राय ने पहली बार पूरे मामले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल की जांच पूरी होने के बाद वह प्रत्येक सवाल का विस्तार से जवाब देंगे। साथ ही उन्होंने अपील की कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निष्पक्ष जांच से सभी तथ्य सामने आ जाएंगे और उसी आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
SBI और अनिल मिश्रा की भूमिका पर उठाए सवाल
SIT को भेजे गए अपने पत्र में चंपत राय ने चढ़ावे की गणना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कार्यप्रणाली और ट्रस्ट के सदस्य रहे अनिल मिश्रा की भूमिका का भी उल्लेख किया। पत्र में उन्होंने अनुरोध किया कि उनके लिखित बयान को जांच के आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाए, ताकि जांच के दौरान सभी तथ्यों पर समान रूप से विचार किया जा सके। फिलहाल SIT सभी पक्षों से मिले दस्तावेजों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
आगे क्या है जांच की दिशा?
तीनों आरोपियों की रिमांड अवधि जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस पूछताछ के दौरान घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला, कथित तौर पर शामिल लोगों की भूमिका और उपलब्ध डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्यों का मिलान करेगी। वहीं, ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और किसी भी अंतिम निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।
