पटना में NEET Paper Leak Protest बेकाबू, पुलिस-छात्रों की हिंसक झड़प; SP का वायरल वीडियो चर्चा में
पटना NEET Paper Leak Protest बुधवार को उस समय हिंसक रूप ले गया जब पटना NEET Paper Leak Protest के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव तेज हो गया। डाकबंगला चौराहे से लेकर स्टेशन रोड तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। प्रदर्शनकारी राजभवन मार्च की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिस उन्हें रोकने में जुटी थी। देखते ही देखते धक्का-मुक्की, पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की नौबत आ गई। इस दौरान कई छात्र, पुलिसकर्मी और आम नागरिक भी प्रभावित हुए।
छात्र संगठन नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दोपहर से ही बड़ी संख्या में छात्र राजधानी के प्रमुख इलाकों में जुटने लगे थे। शाम होते-होते स्थिति पूरी तरह तनावपूर्ण बन गई।
पुलिस और छात्रों के बीच कैसे बढ़ा विवाद?
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्र राजभवन की ओर मार्च करना चाहते थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई।
कुछ ही देर में हालात बिगड़ गए और प्रदर्शनकारियों की ओर से ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद पूरे इलाके में अफरातफरी और भगदड़ का माहौल बन गया।
SP साकेत कुमार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के दौरान पटना पश्चिम के पुलिस अधीक्षक (SP) साकेत कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वह पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश देते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में कथित तौर पर वह पुलिसकर्मियों से कहते सुनाई दे रहे हैं कि पीछे हटने की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बाद पुलिस बल प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ता दिखाई देता है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह घटना के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
डाकबंगला चौराहे से स्टेशन रोड तक मची भगदड़
शाम करीब साढ़े चार बजे से लगभग एक घंटे तक डाकबंगला चौराहा, न्यू डाकबंगला रोड, फ्रेजर रोड और स्टेशन रोड का इलाका तनाव की चपेट में रहा।
पुलिस कार्रवाई और पथराव के बीच बड़ी संख्या में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोगों के जूते-चप्पल सड़क पर छूट गए। सड़क पर टूटे हुए कांच और बिखरे सामान घटना की गंभीरता को दर्शा रहे थे।
कई पुलिसकर्मी और छात्र घायल, वाहन भी क्षतिग्रस्त
हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया, जबकि घायल छात्रों को भी इलाज उपलब्ध कराया गया।
प्रदर्शन के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। कुछ कारों के शीशे टूट गए, वहीं सड़क किनारे खड़ी कई बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद पुलिस ने प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
छात्र संगठनों की क्या थी मांग?
प्रदर्शन में शामिल विभिन्न छात्र संगठनों ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भी नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी कार्रवाई आवश्यक है।
प्रशासन की चुनौती और आगे की स्थिति
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के बाद यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील छात्र आंदोलनों के दौरान संवाद और संयम दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिल सकती है।
घटना की मुख्य बातें
- नीट पेपर लीक मुद्दे पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन।
- राजभवन मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों में हिंसक झड़प।
- पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
- कई छात्र, पुलिसकर्मी घायल और कई वाहन क्षतिग्रस्त।
- SP साकेत कुमार का घटनास्थल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
