पटना कांग्रेस कार्यालय के बाहर BJP-कांग्रेस भिड़ंत, पत्थरबाजी में 30 से ज्यादा घायल

पटना कांग्रेस कार्यालय के बाहर बुधवार को उस समय माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं से तीखी झड़प हो गई। पटना कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुई इस हिंसक भिड़ंत में लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने दावा किया है कि उसके 30 से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जबकि कांग्रेस ने भी अपने कार्यकर्ताओं के घायल होने की बात कही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 2:15 बजे भाजपा का विरोध मार्च कुर्जी हॉस्पिटल से सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंचे, दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच पहले नारेबाजी और बहस शुरू हुई। कुछ ही मिनटों में हालात बिगड़ गए और दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल हुआ। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
दोनों दलों ने लगाए एक-दूसरे पर गंभीर आरोप
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लाठी-डंडों के साथ मौजूद थे और उन्होंने सबसे पहले हमला किया। भाजपा का कहना है कि उसके प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पहले लाठी और रोड़े चलाए, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हुई। कांग्रेस का दावा है कि उसके कार्यकर्ताओं ने केवल आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी। दोनों राजनीतिक दलों के बयान सामने आने के बाद मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
भाजपा का दावा- 30 से अधिक कार्यकर्ता घायल
भाजपा ने दावा किया है कि इस झड़प में उसके 30 से अधिक नेता और कार्यकर्ता घायल हुए हैं। पार्टी के अनुसार भारतीय जनता युवा मोर्चा के जितेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, बलराम मंडल समेत कई नेताओं को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों का इलाज कुर्जी हॉस्पिटल में किया जा रहा है। कुछ गंभीर रूप से घायल लोगों को पीएमसीएच रेफर करने की तैयारी की गई। हालांकि घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में भाजपा
घटना के बाद भाजपा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की घोषणा की है। पार्टी का आरोप है कि उसके कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। भाजपा नेतृत्व ने कहा कि पूरे घटनाक्रम के वीडियो और अन्य साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि कानून अपना काम करे।
देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा था मार्च
यह विरोध मार्च राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा द्वारा आयोजित प्रदर्शन का हिस्सा था। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके विरोध में भाजपा ने देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया था। पटना में भी इसी कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ता सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे, जहां बाद में हिंसक झड़प हो गई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पुलिस की निगरानी जारी है।
दूसरी ओर छात्रों का भी उग्र प्रदर्शन
इसी दिन पटना में हजारों छात्र-छात्राएं भी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। छात्रों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, लेकिन प्रदर्शन लंबे समय तक जारी रहा। इससे राजधानी के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ और प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।
क्या है मौजूदा स्थिति?
फिलहाल पटना में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में इस मामले पर दोनों दलों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।