Nitish Kumar Bhojpur Visit: बखोरापुर काली मंदिर पहुंचे पूर्व CM नीतीश कुमार, पूजा के बाद बिना संबोधन लौटे


 Nitish Kumar Bhojpur Visit सोमवार को पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। Nitish Kumar Bhojpur Visit के तहत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह करीब 11 बजे भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ जय मां काली बखोरापुर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान से मां काली की विशेष पूजा-अर्चना की और बिहार में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की। हालांकि मंदिर से बाहर आने के बाद उन्होंने कोई सार्वजनिक संबोधन नहीं किया और सीधे वापस लौट गए। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन पहले से पूरी तरह सतर्क था। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती और निगरानी के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

बखोरापुर काली मंदिर में करीब 15 मिनट तक की पूजा

मंदिर के मुख्य संरक्षक सुनील सिंह गोपाल के अनुसार, नीतीश कुमार ने दो दिन पहले ही यहां आने की इच्छा जताई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार वे सोमवार को मंदिर पहुंचे और पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ मां काली की पूजा की। करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहने के दौरान उन्होंने राज्य की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच आस्था का माहौल देखने को मिला।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, प्रशासन पूरी तरह सतर्क

पूर्व मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की थी। केशोपुर से लेकर बखोरापुर मंदिर तक पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सदर एसडीपीओ-2 रंजीत कुमार सिंह सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे, जबकि बड़हरा थानाध्यक्ष चुनमुन कुमारी भी लगातार मौके पर मौजूद रहीं। आने-जाने वाले सभी रास्तों पर नजर रखी गई ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस लगातार नजर बनाए हुए थी। प्रशासन की सक्रियता के कारण पूरे कार्यक्रम के दौरान कहीं भी अफरा-तफरी जैसी स्थिति नहीं बनी।

बिना भाषण लौटे, बाहर समर्थकों की लगी भीड़

पूजा-अर्चना समाप्त करने के बाद नीतीश कुमार बिना किसी सार्वजनिक संबोधन के वापस लौट गए। हालांकि मंदिर के बाहर पहले से बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद थे। जैसे ही वे बाहर निकले, समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कुछ लोगों ने छोटू सिंह को पार्टी में दोबारा शामिल करने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। इससे कुछ समय के लिए माहौल में राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई और प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित रखा।

कई जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, विधायक राधाचरण सेठ और मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष बीडी सिंह सहित कई प्रमुख लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी के कारण इस धार्मिक आयोजन को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना गया। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य धार्मिक दर्शन और पूजा-अर्चना ही रहा।

प्रशासनिक व्यवस्था की हुई सराहना

पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी। श्रद्धालुओं के दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और मंदिर परिसर में व्यवस्था सामान्य बनी रही। पुलिस बल की सक्रिय मौजूदगी और पहले से की गई तैयारियों का असर साफ दिखाई दिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था की भी सराहना की।

दिनभर चर्चा में रहा भोजपुर दौरा

पूर्व मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद पूरे दिन भोजपुर में इसकी चर्चा होती रही। एक ओर धार्मिक आस्था का माहौल दिखाई दिया तो दूसरी ओर समर्थकों की मौजूदगी और नारेबाजी के कारण राजनीतिक चर्चाएं भी तेज रहीं। हालांकि नीतीश कुमार ने मीडिया या समर्थकों को कोई बयान नहीं दिया। इसके बावजूद उनका यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। धार्मिक कार्यक्रम, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर हुई राजनीतिक गतिविधियों ने इस यात्रा को चर्चा का विषय बना दिया। ऐसे आयोजनों में प्रशासनिक सतर्कता और शांतिपूर्ण संचालन एक महत्वपूर्ण पहलू माना जाता है, और भोजपुर में यह व्यवस्था पूरे कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

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