Motihari BPSSC Exam: चप्पल में डिवाइस छिपाकर नकल, 'मुन्ना भाई' गिरफ्तार
Motihari BPSSC Exam में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। Motihari BPSSC Exam के दौरान एक अभ्यर्थी चप्पल के अंदर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाकर परीक्षा देने पहुंचा, लेकिन अधिकारियों की सतर्कता के कारण उसकी योजना सफल नहीं हो सकी। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इस घटना के बाद भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और हाईटेक नकल के तरीकों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित परीक्षा केंद्र पर यह मामला उस समय सामने आया, जब अधिकारी नियमित निरीक्षण कर रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपी ने नकल के लिए पहले से पूरी रणनीति तैयार की थी और सुरक्षा जांच से बचने का भी प्रयास किया।
कैसे पकड़ा गया 'मुन्ना भाई'?
जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस सबऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) की ओर से आयोजित अधिनायक अनुदेशक (कमांडेंट इंस्ट्रक्टर) भर्ती परीक्षा एलएनडी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर चल रही थी।
निरीक्षण के दौरान सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप कुमार की नजर एक अभ्यर्थी की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। अधिकारियों ने तुरंत उसकी तलाशी ली। जांच में उसकी चप्पल के अंदर छिपाई गई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई, जिसके जरिए परीक्षा हॉल के बाहर मौजूद लोगों से उत्तर प्राप्त करने की कोशिश की जा रही थी।
बेतिया निवासी अविनाश कुमार निकला आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान पश्चिम चंपारण के बेतिया निवासी अविनाश कुमार के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी ने भर्ती परीक्षा में नकल करने के लिए पहले से पूरी योजना बनाई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
यूट्यूब देखकर सीखी नकल की तकनीक
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करने का तरीका सीखा था।
उसने ऑनलाइन माध्यम से डिवाइस खरीदी और परीक्षा में इस्तेमाल करने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने परीक्षा केंद्र पर लगे इलेक्ट्रॉनिक जैमर और सुरक्षा जांच से बचने के लिए भी अलग रणनीति तैयार की थी।
सुरक्षा जांच से बचने के लिए अपनाया अनोखा तरीका
जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले आरोपी ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगी चप्पल को बाउंड्री के ऊपर से अंदर फेंक दिया था।
इसके बाद वह नंगे पैर सुरक्षा जांच से गुजर गया, ताकि तलाशी के दौरान किसी को कोई संदेह न हो। जांच पूरी होने के बाद उसने परिसर के अंदर से वही चप्पल उठाई और पहनकर परीक्षा हॉल में पहुंच गया।
हालांकि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं और तलाशी लेने पर पूरी योजना का खुलासा हो गया।
दो अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी
पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि क्या वे इस नकल गिरोह का हिस्सा थे या केवल आरोपी की मदद कर रहे थे।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस किसने उपलब्ध कराई और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि भर्ती परीक्षाओं में हाईटेक नकल के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। हालांकि इस मामले में अधिकारियों की सतर्कता के कारण आरोपी समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता बनी रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सुरक्षा जांच, इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता होगी।
- मोतिहारी में BPSSC भर्ती परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया।
- आरोपी ने चप्पल में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाकर परीक्षा देने की कोशिश की।
- निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
- आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने यूट्यूब देखकर तकनीक सीखी थी।
- पुलिस दो अन्य लोगों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
