IAS अलंकृता पांडेय का सख्त एक्शन, श्रावणी मेला 2026 को लेकर बड़ा आदेश
IAS अलंकृता पांडेय ने श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। IAS अलंकृता पांडेय ने कहा है कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने भीड़ प्रबंधन से लेकर चिकित्सा, स्वच्छता, पेयजल, यातायात और निगरानी व्यवस्था तक हर विभाग को समय पर तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया है।
भागलपुर की जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत 2016 बैच की आईएएस अधिकारी अलंकृता पांडेय स्वयं तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि कांवड़ यात्रा और श्रावणी मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रावणी मेला 2026 के लिए प्रशासन की क्या है तैयारी?
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेला क्षेत्र में सभी आवश्यक सुविधाएं पहले से पूरी तरह तैयार रहें।
उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा शिविर, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, कंट्रोल रूम और सूचना सहायता केंद्र प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं।
इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की पहली प्राथमिकता
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार निरीक्षण और व्यवस्थाओं के सत्यापन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
कौन हैं IAS अलंकृता पांडेय?
आईएएस अलंकृता पांडेय का जन्म 29 अक्टूबर 1992 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था।
उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT), इलाहाबाद से कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की।
इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में नौकरी की, लेकिन सिविल सेवा में जाने का सपना पूरा करने के लिए नौकरी छोड़ दी।
उन्होंने वर्ष 2015 की यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल की और 2016 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं।
बंगाल कैडर से बिहार तक का सफर
आईएएस बनने के बाद अलंकृता पांडेय को शुरुआत में पश्चिम बंगाल कैडर मिला था।
प्रशिक्षण के दौरान उनकी मुलाकात आईएएस अंशुल अग्रवाल से हुई। दोनों ने वर्ष 2018 में विवाह किया।
बाद में उन्होंने इंटर-कैडर ट्रांसफर के माध्यम से बिहार कैडर जॉइन किया। वर्तमान में वे 18 जून 2026 से भागलपुर की जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत हैं।
वहीं उनके पति आईएएस अंशुल अग्रवाल बांका जिले के जिलाधिकारी हैं और कांवड़ यात्रा को लेकर अपने जिले में विशेष तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।
पहले भी प्रशासनिक फैसलों से बटोर चुकी हैं चर्चा
भागलपुर से पहले अलंकृता पांडेय जहानाबाद की जिलाधिकारी रह चुकी हैं।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अतिक्रमण हटाने, सफाई व्यवस्था सुधारने और नल-जल योजना की निगरानी को लेकर कई सख्त कदम उठाए थे।
उनकी कार्यशैली को तेज, अनुशासित और परिणाम आधारित माना जाता है। यही वजह है कि श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों में भी वे लगातार स्वयं मॉनिटरिंग कर रही हैं।
श्रावणी मेला 2026 क्यों है खास?
श्रावणी मेला बिहार का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा के लिए पहुंचते हैं।
ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और आवश्यक सुविधाओं को निर्बाध बनाए रखना होती है।
भागलपुर प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वय से इस बार भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- भागलपुर डीएम IAS अलंकृता पांडेय ने श्रावणी मेला 2026 को लेकर सख्त निर्देश जारी किए।
- भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया।
- पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी।
- अलंकृता पांडेय 2016 बैच की बिहार कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।
- वे वर्तमान में भागलपुर की जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट हैं।
