'मैं खुद शेर हूं...' सुरक्षा पर लालू यादव का बड़ा बयान, टारगेटिंग के सवाल पर भी दिया जवाब


 

लालू प्रसाद यादव एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में चर्चा में हैं। लालू प्रसाद यादव ने पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपनी सुरक्षा और कथित राजनीतिक टारगेटिंग से जुड़े सवालों का बेबाक अंदाज में जवाब दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार उन्हें निशाना बना रही है, तो उन्होंने कहा, "टारगेट करने दीजिए, मैं खुद शेर हूं।" उनके इस बयान ने बिहार की राजनीतिक चर्चाओं को फिर तेज कर दिया है।

राजद अध्यक्ष से उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा गया था। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि उन्हें किसी तरह की कोई चिंता नहीं है। अपने सहज और आत्मविश्वास भरे अंदाज में उन्होंने खुद को "शेर" बताते हुए कहा कि उन्हें किसी से डर नहीं है।

सुरक्षा पर क्या बोले लालू प्रसाद यादव?

पत्रकारों ने जब पूछा कि क्या सरकार उन्हें राजनीतिक रूप से टारगेट कर रही है, तो लालू प्रसाद यादव ने संक्षिप्त लेकिन तीखा जवाब दिया, "टारगेट करने दीजिए।"

इसके बाद उनसे बिहार की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी सवाल किए गए। जब पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुप हैं, तो उन्होंने कहा, "हां, सब चुप हैं।"

वहीं, जब तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर सवाल किया गया कि क्या वह पार्टी को अच्छी तरह चला रहे हैं, तो लालू प्रसाद यादव ने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा, "हां।"

सुरक्षा में कटौती से लेकर बहाली तक का पूरा मामला

जून महीने में बिहार सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया था। उस समय उनकी सुरक्षा में कटौती किए जाने पर राष्ट्रीय जनता दल ने इसका कड़ा विरोध किया था।

राजद नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था। विरोध स्वरूप लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने अपनी सुरक्षा वापस करने का फैसला भी किया था। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उनके आवास के बाहर पहुंच गए थे।

हालांकि, राज्य सरकार का कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव नियमित सुरक्षा समीक्षा के आधार पर किया गया था और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक उद्देश्य नहीं था।

बाद में सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की जेड श्रेणी की सुरक्षा फिर से बहाल कर दी।

सुरक्षा बहाली पर सरकार को घेरा

सुरक्षा बहाल होने के बाद भी लालू प्रसाद यादव ने सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सरकार पहले गलत फैसला लेकर अब बैकफुट पर आ गई है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या सुरक्षा कम करना सरकार की गलती थी, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "बहुत गलत किया है।"

उन्होंने यह भी कहा था कि सुरक्षा में कटौती और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस देना प्रशासन का गलत कदम था।

10 सर्कुलर रोड बंगले पर भी हुआ था विवाद

सुरक्षा विवाद के साथ-साथ राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर भी लंबे समय तक राजनीतिक बहस चली।

राबड़ी देवी लगभग दो दशक तक 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रहीं। सरकार की ओर से बंगला खाली करने का नोटिस जारी होने के बाद शुरुआत में उन्होंने इसे खाली नहीं किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में कहा था कि सरकारी आवास किसी की स्थायी संपत्ति नहीं होते और नियमों के अनुसार उन्हें खाली करना पड़ता है।

आखिरकार राबड़ी देवी ने वह आवास खाली कर दिया। इसके बाद उन्हें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया।

बिहार की राजनीति में फिर चर्चा का केंद्र बने लालू

लालू प्रसाद यादव का यह ताजा बयान ऐसे समय आया है जब बिहार की राजनीति में आगामी चुनावों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

उनके "मैं खुद शेर हूं" और "टारगेट करने दीजिए" जैसे बयान समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। वहीं, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच सुरक्षा, सरकारी फैसलों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर बहस जारी है।

फिलहाल सरकार का कहना है कि सुरक्षा से जुड़े सभी निर्णय निर्धारित प्रक्रिया और सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर लिए जाते हैं, जबकि राजद लगातार इन्हें राजनीतिक नजरिए से देखता रहा है।

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