आवास योजना का पैसा बैंक में आया या नहीं? ऐसे चेक करें
प्रणाम! कैसे हैं आप सब? हम जानते हैं कि आपके सिर पर पक्का छत होने का सपना अब बस पूरा होने ही वाला है। प्रधानमंत्री आवास योजना (Awas Yojana) के लिए आपने फॉर्म भरा, लिस्ट में नाम आया, और अब इंतज़ार है उस पहली, दूसरी या तीसरी किस्त (Instalment) का।
लेकिन असली सिरदर्द यहीं से शुरू होता है। मुखिया जी बोलते हैं "पैसा आ गया है", ब्लॉक वाले बोलते हैं "रुको", और बैंक वाले बोलते हैं "अभी नहीं आया है"। इस असमंजस में आदमी पागल हो जाता है। दिन भर दिहाड़ी छोड़कर बैंक का चक्कर काटो, तो बाबू लोग बोलते हैं "अगले हफ्ते आना"। दलाल भी इसी का फायदा उठाते हैं और "पैसा निकलवाने" के नाम पर आपसे खर्चा मांगते हैं।
आज, हम आपका वो टेंशन खत्म करेंगे। मैं, आपका अपना लोकल पत्रकार, आपको ग्राउंड की हकीकत के साथ वो सारे तरीके समझाऊंगा जिससे आप घर बैठे, अपने मोबाइल से या बैंक जाकर पक्का पता लगा सकते हैं कि आवास योजना का पैसा आपके बैंक अकाउंट में आया या नहीं। यकीन मानिए, 10 मिनट ध्यान से पढ़िएगा तो किसी के आगे हाथ जोड़े की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पैसा बैंक में आने का पूरा गणित: थोड़ा समझिए
देखिए, सरकार सीधे बोरा में भरकर पैसा नहीं भेजती। इसकी एक लंबी प्रक्रिया है। जब आपका नाम फाइनल लिस्ट में आता है, तो ब्लॉक से आपकी FTO (Fund Transfer Order) जनरेट होती है। ये FTO राज्य सरकार के पास जाती है और फिर केंद्र सरकार के पास। वहां से पैसा PFMS (Public Financial Management System) के ज़रिए आपके आधार लिंक बैंक अकाउंट में भेजा जाता है।
दिक्कत कहाँ होती है? कभी-कभी FTO बनने में देरी होती है, तो कभी बैंक सर्वर डाउन रहता है। कभी-कभी आपका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं होता और पैसा रिजेक्ट (Reject) हो जाता है। इसलिए, सिर्फ इंतज़ार मत कीजिए, खुद चेक करना सीखिए।
तरीका 1: PFMS पोर्टल से चेक करें (सबसे सटीक और सरकारी तरीका)
अगर आप थोड़े भी मोबाइल चलाने के जानकार हैं, तो यह तरीका सबसे बेस्ट है। PFMS सरकार का वो सिस्टम है जो हर सरकारी पैसे का हिसाब रखता है।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड:
सबसे पहले अपने मोबाइल में Google खोलें।
वहां टाइप करें 'PFMS' और सर्च करें। पहली वेबसाइट (pfms.nic.in) पर क्लिक करें।
होमपेज पर आपको एक ऑप्शन दिखेगा 'Know Your Payments' (अपना भुगतान जानें)। उस पर क्लिक करें।
अब एक फॉर्म खुलेगा। ध्यान से भरें:
Bank: अपने बैंक का नाम लिखना शुरू करें (जैसे State Bank of India), नीचे लिस्ट आएगी, उसमें से सही बैंक चुनें।
Enter Account Number: अपना पूरा बैंक अकाउंट नंबर डालें।
Enter Confirm Account Number: वही अकाउंट नंबर फिर से डालें।
Word Verification (Captcha): जो टेढ़े-मेढ़े अक्षर दिख रहे हैं, उन्हें खाली डिब्बे में भरें।
सब भरने के बाद, नीचे दो ऑप्शन दिखेंगे। अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक से लिंक है (जो कि आज के समय में ज़रूरी है), तो 'Send OTP on Registered Mobile No.' पर क्लिक करें।
आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा, उसे डालें और सबमिट करें।
क्या दिखेगा स्क्रीन पर?
अगर पैसा आया है, तो वहां 'Pradhan Mantri Awas Yojana - Gramin' (या Urban) लिखा दिखेगा। साथ ही कितना पैसा आया है (जैसे 40,000 या 50,000), किस तारीख को आया है, और स्टेटस 'Success' दिखेगा।
अगर पैसा अभी रास्ते में है, तो वहां स्टेटस में 'Pending' या 'Processing' दिखेगा। इसका मतलब है कि FTO बन गया है, कुछ दिन में पैसा आ जाएगा।
तरीका 2: PMAY की आधिकारिक वेबसाइट (pmayg.nic.in) से
यह तरीका आपको यह बताएगा कि सरकार ने आपके नाम पर FTO यानी पैसे का आर्डर जारी किया है या नहीं।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड:
PMAY-G की वेबसाइट (pmayg.nic.in) पर जाएं।
मेन्यू में 'Awaassoft' पर क्लिक करें, फिर 'Report' पर क्लिक करें।
नया पेज खुलेगा, उसमें सबसे नीचे 'H' सेक्शन में जाएं— 'Social Audit Reports'। वहां 'Beneficiary details for verification' पर क्लिक करें।
अब एक फिल्टर खुलेगा। इसमें अपना राज्य (Bihar), जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
साल चुनें (जैसे 2023-2024) और योजना में 'Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin' चुनें।
कैप्चा कोड (गणित का सवाल, जैसे 15+9=) हल करके भरें और 'Submit' करें।
यहां क्या चेक करना है?
पूरी पंचायत की लिस्ट खुल जाएगी। अपना नाम खोजें। अपने नाम के आगे देखें। वहां लिखा होगा कि कितनी किस्त (Instalment) सेंक्शन (Sanction) हुई है। अगर पहली किस्त सेंक्शन हो गई है, तो उसके आगे FTO Number लिखा होगा। अगर FTO Number आ गया है, तो इसका मतलब है कि सरकार ने पैसा भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब आप PFMS पर चेक कर सकते हैं।
तरीका 3: बैंक जाकर या घर बैठे बैंक बैलेंस चेक करना
यह सबसे पुराना और पक्का तरीका है, लेकिन इसमें परेशानी है कि आपको बैंक जाना पड़ सकता है।
पासबुक अपडेट (Passbook Update): बैंक जाकर अपनी पासबुक मशीन में डालें या बाबू से अपडेट करवाएं। अगर पैसा आया होगा, तो एंट्री में स्पष्ट दिखेगा— PMAY Instalment या DBT Payment।
मिस्ड कॉल बैलेंस इंक्वायरी (Missed Call): हर बैंक का एक मिस्ड कॉल नंबर होता है। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से उस नंबर पर मिस कॉल दें, बैंक आपको SMS के ज़रिए बैलेंस और आखिरी 5 ट्रांजेक्शन भेज देगा।
मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking): अगर आप बैंक का ऐप (जैसे SBI YONO, iMobile) इस्तेमाल करते हैं, तो मिनी स्टेटमेंट चेक करें।
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS): अपने गांव के ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) या मुखिया जी के पास जो मशीन होती है, वहां जाकर अंगूठा लगाकर बैलेंस चेक करें।
बिहार की ग्राउंड हकीकत: दलालों से सावधान और सही जगह शिकायत
अब सुनिए बिहार की जमीनी हकीकत। हम लोग जानते हैं कि सिस्टम में कितनी खामियां हैं। कभी-कभी मुखिया जी का आदमी बोलता है "20,000 टका दो, तब ही किस्त गिरेगा"। कभी-कभी आवास सहायक जानबूझकर आपका जियो-टैगिंग (Geo-tagging) नहीं करता ताकि आप परेशान हों और पैसा दें।
मेरी सलाह:
पैसा किसी को मत दें: यह प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह से फ्री है। पैसा सीधे आपके खाते में आता है, कोई दूसरा उसे रोक नहीं सकता। FTO ऑनलाइन बनता है।
कागजात दुरुस्त रखें: सबसे ज़रूरी है कि आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक हो और NPCI मैप हो। अगर यह नहीं है, तो पैसा नहीं आएगा, चाहे FTO बन भी जाए। तुरंत बैंक जाकर आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) का फॉर्म भरें।
जियो-टैगिंग पर ध्यान दें: पहली किस्त घर बनाने के लिए मिलती है। जैसे ही नींव (Plinth Level) तक घर बन जाए, आवास सहायक को बुलाकर जियो-टैगिंग करवाएं। जब तक फोटो अपलोड नहीं होगी, दूसरी किस्त नहीं आएगी।
अगर कोई पैसा मांगे या पैसा नहीं आए, तो क्या करें?
ब्लॉक में शिकायत: सबसे पहले बीडीओ (BDO) साहब को लिखित आवेदन दें।
जिलाधिकारी (DM) से मिलें: अगर ब्लॉक में सुनवाई न हो, तो जिला मुख्यालय जाकर डीएम साहब के जनता दरबार में आवेदन दें।
ऑनलाइन शिकायत (PG Portal): भारत सरकार के पीजी पोर्टल (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। यह बहुत असरदार है।
आवास योजना क्विक-इंफो टेबल
| जानकारी का प्रकार | विवरण |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G) |
| कुल सहायता (बिहार में) | ₹1,20,000 + मनरेगा मजदूरी + शौचालय सहायता |
| किस्त की संख्या | आमतौर पर 3 किस्तों में |
| पैसा आने का तरीका | DBT (Direct Benefit Transfer) - सीधे बैंक खाते में |
| ज़रूरी लिंकिंग | बैंक खाता + आधार + NPCI (महत्वपूर्ण) |
| पैसा चेक करने का बेस्ट पोर्टल | PFMS पोर्टल |
| शिकायत के लिए | प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) या DM |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: आवास योजना की पहली किस्त कितने दिन में आती है?
जवाब: जब आपका नाम फाइनल लिस्ट में आ जाता है और ब्लॉक से आपका 'सेंक्शन आर्डर' (Sanction Order) जारी हो जाता है, तो आमतौर पर 15 से 30 दिनों के भीतर पहली किस्त FTO के ज़रिए आपके खाते में आ जाती है। कभी-कभी राज्य सरकार के पास फंड की कमी होने पर ज्यादा समय भी लग सकता है।
सवाल 2: अगर FTO बन गया है, लेकिन पैसा बैंक में नहीं आया, तो क्या करें?
जवाब: FTO बनने का मतलब है कि सरकार ने पैसा भेज दिया है। अब बारी बैंक की है। 7-10 दिन इंतज़ार करें। अगर फिर भी नहीं आए, तो अपने बैंक जाएं और पता करें कि कहीं अकाउंट होल्ड (Hold) पर तो नहीं है या आधार लिंकिंग की समस्या तो नहीं है। PFMS पर रिजेक्शन का कारण देखें।
सवाल 3: आवास योजना का पैसा चेक करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर ज़रूरी है क्या?
जवाब: नहीं, PFMS से चेक करने के लिए सिर्फ बैंक नाम और अकाउंट नंबर चाहिए। लेकिन PMAY वेबसाइट पर स्टेटस देखने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर की ज़रूरत पड़ सकती है, जो आपको पंचायत की लिस्ट में मिल जाएगा।
सवाल 4: मेरा बैंक अकाउंट जन-धन खाता है, क्या आवास योजना का पैसा इसमें आएगा?
जवाब: हाँ, बिल्कुल आएगा। बशर्ते वह खाता सक्रिय (Active) हो और उसमें आधार लिंक हो। ध्यान रहे कि जन-धन खातों की एक लिमिट होती है। अगर किस्त की राशि उस लिमिट से ज्यादा है, तो कभी-कभी पैसा क्रेडिट होने में दिक्कत होती है। बैंक से इस बारे में बात कर लें।
सवाल 5: दूसरी किस्त के लिए कब तक आवेदन करना होता है?
जवाब: दूसरी किस्त के लिए आपको अलग से आवेदन नहीं करना होता। जैसे ही पहली किस्त का पैसा मिले, घर का निर्माण शुरू कर दें। जब नींव (Plinth level) तक काम हो जाए, तो आवास सहायक को जियो-टैगिंग के लिए बुलाएं। जियो-टैगिंग होते ही दूसरी किस्त ऑटोमेटिकली प्रोसेस हो जाएगी।
मुखिया जी के घर का चक्कर लगाना छोड़िए। मैंने जो तरीके बताए हैं, उनका इस्तेमाल कीजिए। सबसे पहले कल ही जाकर अपने बैंक में पता कीजिए कि आधार लिंक और NPCI मैप है या नहीं। यह ठीक रहेगा, तो आपका पैसा कोई नहीं रोक सकता। आप अपनी मेहनत की कमाई से घर बना रहे हैं, सरकार आपको मदद कर रही है। जागरूक बनिए और किसी दलाल के बहकावे में न आइए। उम्मीद है, जल्द ही आपके पक्के मकान का सपना पूरा होगा।
