बांकीपुर उपचुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव, 13 दिन में तीसरी बार पटना पहुंचे नितिन नवीन


 बांकीपुर उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। बांकीपुर उपचुनाव से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। उनके इस दौरे को चुनावी रणनीति, संगठन की समीक्षा और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। नितिन नवीन अपने प्रवास के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों में बूथ प्रबंधन, चुनाव प्रचार और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा होगी।

13 दिनों में तीसरी बार पटना पहुंचे नितिन नवीन

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद यह नितिन नवीन का तीसरा बिहार दौरा है। इससे पहले वे 13 जुलाई और 18 जुलाई को भी पटना आए थे। दोनों दौरों में उन्होंने संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें की थीं। लगातार तीसरी बार उनका पटना पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भाजपा इस सीट को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी नेतृत्व चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ने की तैयारी में जुटा है।

30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। चुनावी कार्यक्रम तय होने के बाद सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, नितिन नवीन मतदान के दिन भी पटना पहुंचकर अपना वोट डालेंगे। ऐसे में चुनाव से पहले उनकी लगातार मौजूदगी को संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उम्मीदवार बदलकर भाजपा ने लिया बड़ा फैसला

बांकीपुर सीट नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। शुरुआत में भाजपा ने अभिषेक कुमार 'बंटी' को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में पार्टी ने फैसला बदलते हुए नीरज सिन्हा को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उम्मीदवार बदलने का फैसला स्थानीय चुनावी समीकरणों और संगठन की रणनीति को ध्यान में रखकर लिया गया।

त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई चुनावी दिलचस्पी

इस बार बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा के सामने जन सुराज के प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल की रेखा देवी मैदान में हैं। प्रशांत किशोर लगातार क्षेत्र में सक्रिय चुनाव प्रचार कर रहे हैं। वे स्थानीय विकास, शिक्षा और राज्य सरकार के कामकाज जैसे मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा अपने संगठनात्मक नेटवर्क और पारंपरिक वोट बैंक पर भरोसा कर रही है।

पहले दो दौरों में संगठन पर रहा था फोकस

13 जुलाई को नितिन नवीन पटना पहुंचे थे। उसी दिन भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा ने अपना नामांकन दाखिल किया था। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। 18 जुलाई के दौरे में भी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया था। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया था कि बांकीपुर सीट भाजपा के लिए प्राथमिकता वाली सीट है और इसे हर हाल में बरकरार रखना है।

इस बार किन मुद्दों पर होगा मंथन?

सूत्रों के अनुसार, इस बार के दौरे में नितिन नवीन पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ मौजूदा राजनीतिक हालात की समीक्षा करेंगे। छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम और संगठन की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भी रणनीति बनाई जा सकती है। पार्टी इन कार्यक्रमों को संगठनात्मक रूप से प्रभावी बनाने पर विचार कर रही है।

भाजपा के लिए क्यों अहम है बांकीपुर सीट?

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत राजनीतिक गढ़ मानी जाती है। ऐसे में पार्टी इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती है। लगातार तीसरी बार नितिन नवीन का पटना दौरा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने की कोशिश कर रही है ताकि मतदान के दिन अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। दूसरी ओर विपक्षी दल भी इस सीट पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है। आने वाले दिनों में सभी प्रमुख दलों के चुनाव प्रचार और रणनीतिक बैठकों पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी। 30 जुलाई को होने वाला मतदान और 3 अगस्त को आने वाले परिणाम यह तय करेंगे कि बांकीपुर की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।

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