Bihar BSUSC भर्ती में बड़ा बदलाव! 3,687 से घटकर 2,532 पद, अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता


 

BSUSC Recruitment 2026 को लेकर बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में बड़ा अपडेट सामने आया है। BSUSC Recruitment 2026 के तहत बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने संविदा प्रोफेसरों की भर्ती के लिए जारी अधिसूचना में संशोधन करते हुए रिक्तियों की संख्या कम कर दी है। पहले जहां कुल 3,687 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित थी, वहीं अब संशोधित अधिसूचना के अनुसार केवल 2,532 पदों पर ही बहाली की जाएगी। इस फैसले के बाद प्रतियोगी अभ्यर्थियों के बीच चिंता और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।

संशोधित अधिसूचना में पदों की संख्या घटी

बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार, संविदा प्रोफेसरों की भर्ती अब पहले घोषित पदों की तुलना में कम रिक्तियों पर होगी।

नई अधिसूचना के अनुसार कुल 2,532 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पहले यह संख्या 3,687 थी। यानी संशोधन के बाद कुल 1,155 पद कम कर दिए गए हैं।

आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में नई रिक्तियों के आधार पर आगे की भर्ती प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

किन कॉलेजों में होगी नियुक्ति?

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह भर्ती केवल बिहार के नवस्थापित डिग्री कॉलेजों के लिए होगी।

इन नियुक्तियों का दायरा राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले 10 पारंपरिक विश्वविद्यालयों तक सीमित रहेगा। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधित विश्वविद्यालयों के अधिकार क्षेत्र में संचालित नए डिग्री कॉलेजों में की जाएगी।

इससे स्पष्ट हो गया है कि यह भर्ती सभी सरकारी कॉलेजों के लिए नहीं बल्कि विशेष रूप से नए स्थापित संस्थानों के लिए आयोजित की जा रही है।

छह विषयों में समान संख्या में पद

संशोधित व्यवस्था के तहत आयोग ने छह प्रमुख विषयों के लिए सभी विश्वविद्यालयों में पदों का समान वितरण किया है।

नई अधिसूचना के अनुसार चयनित प्रत्येक विषय में कुल 422-422 पद निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच रिक्तियों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।

हालांकि, आयोग ने इस संबंध में विस्तृत विषयवार नियुक्ति प्रक्रिया अधिसूचना में स्पष्ट की है।

अभ्यर्थियों की चिंता क्यों बढ़ी?

पदों की संख्या कम होने के बाद NET और PhD जैसी योग्यता रखने वाले हजारों अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा और अधिक कठिन होने की संभावना है।

पहले अधिक रिक्तियां होने के कारण चयन की संभावना अपेक्षाकृत बेहतर मानी जा रही थी, लेकिन अब सीटें घटने से मेरिट का स्तर और चयन प्रक्रिया अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकती है।

कई अभ्यर्थी इस फैसले के बाद आयोग से अतिरिक्त स्पष्टीकरण और भविष्य की भर्ती योजनाओं को लेकर जानकारी की उम्मीद कर रहे हैं।

गेस्ट फैकल्टी ने हाईकोर्ट का लिया सहारा

भर्ती प्रक्रिया के बीच कानूनी विवाद भी सामने आया है।

पूर्व से कार्यरत कुछ गेस्ट फैकल्टी ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि नई रिक्ति सूची में उनके वर्तमान कार्यरत पदों को भी शामिल किए जाने की आशंका है।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया है कि नई भर्ती प्रक्रिया के कारण उनकी मौजूदा सेवा और मानदेय पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

आगे क्या हो सकता है?

भर्ती प्रक्रिया फिलहाल संशोधित अधिसूचना के अनुसार आगे बढ़ेगी। वहीं, हाईकोर्ट में दायर याचिका पर आने वाले आदेश भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

अभ्यर्थियों के लिए आयोग की आधिकारिक अधिसूचनाओं और आगे जारी होने वाले निर्देशों पर नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। किसी भी नए बदलाव की स्थिति में आयोग अलग से सूचना जारी कर सकता है।

 मुख्य बातें

  • BSUSC ने संविदा प्रोफेसर भर्ती की संशोधित अधिसूचना जारी की।
  • रिक्तियां 3,687 से घटाकर 2,532 कर दी गईं।
  • भर्ती केवल नवस्थापित डिग्री कॉलेजों के लिए होगी।
  • 10 पारंपरिक विश्वविद्यालयों के अंतर्गत नियुक्तियां की जाएंगी।
  • कुछ गेस्ट फैकल्टी ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
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