Electric Vehicle Subsidy: ई-कार पर ₹1.5 लाख, ई-बाइक पर ₹10 हजार तक सब्सिडी
Electric Vehicle Subsidy का लाभ लेने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। Electric Vehicle Subsidy के तहत बिहार परिवहन विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। इस योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बाइक, स्कूटी और कार खरीदने पर पात्र वाहन मालिकों को ₹7,500 से लेकर ₹1.50 लाख तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राशि वाहन खरीदने के बाद दस्तावेजों की जांच पूरी होने पर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
प्रदूषण कम करने के लिए सरकार का बड़ा कदम
पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों के कारण बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए परिवहन विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएंगे तो ईंधन की खपत कम होगी, वायु प्रदूषण घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। इसी उद्देश्य से सब्सिडी योजना लागू की गई है।
ई-बाइक और ई-कार पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
योजना के तहत दोपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग-अलग सब्सिडी निर्धारित की गई है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (बाइक/स्कूटी)
- अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के पात्र खरीदारों को ₹10,000 तक की सब्सिडी।
- सामान्य वर्ग के पात्र खरीदारों को ₹7,500 तक की सब्सिडी।
इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन (कार)
- SC/ST वर्ग के पात्र खरीदारों को ₹1.50 लाख तक की सब्सिडी।
- सामान्य वर्ग के पात्र खरीदारों को ₹1.25 लाख तक की सब्सिडी।
यह राशि वाहन खरीदने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
किन वाहनों को मिलेगा योजना का लाभ?
परिवहन विभाग के अनुसार, केवल 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन (Battery Electric Vehicle) ही इस योजना के पात्र होंगे।
यदि कोई वाहन हाइब्रिड तकनीक वाला है, यानी वह पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों से चलता है, तो उस पर इस योजना के तहत कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।
इसलिए वाहन खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मॉडल पूरी तरह इलेक्ट्रिक श्रेणी में आता हो।
सब्सिडी पाने की पूरी प्रक्रिया
जिला परिवहन पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार अलबेला के अनुसार, वाहन खरीदने वाले व्यक्ति को पहले एजेंसी में वाहन की पूरी कीमत का भुगतान करना होगा।
इसके बाद वाहन विक्रेता (डीलर) संबंधित दस्तावेजों के साथ सब्सिडी का आवेदन जिला परिवहन कार्यालय भेजेगा। परिवहन कार्यालय सभी दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।
सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन राज्य मुख्यालय भेजा जाएगा। अंतिम मंजूरी मिलने पर सब्सिडी की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे वाहन मालिक के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।
मुंगेर में एजेंसी नहीं, फिर भी मिलेगा लाभ
मुंगेर जिले में फिलहाल किसी अधिकृत इलेक्ट्रिक वाहन एजेंसी का संचालन नहीं हो रहा है।
ऐसी स्थिति में यदि मुंगेर का कोई व्यक्ति दूसरे जिले की अधिकृत एजेंसी से अपने मुंगेर रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तब भी वह इस योजना का लाभ ले सकता है।
इसके लिए वाहन एजेंसी को खरीदार के सभी आवश्यक दस्तावेज जिला परिवहन कार्यालय को भेजने होंगे।
योजना से किसे होगा सबसे अधिक फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना उन लोगों के लिए लाभदायक हो सकती है जो नई कार या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाना चाहते हैं।
सब्सिडी मिलने से इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लागत कम होगी और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में ई-वाहनों की मांग बढ़ने की संभावना है।
मुख्य बातें
- बिहार में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ₹7,500 से ₹1.50 लाख तक सब्सिडी मिलेगी।
- ई-बाइक पर SC/ST को ₹10,000 और सामान्य वर्ग को ₹7,500 की सहायता।
- ई-कार पर SC/ST को ₹1.50 लाख और सामान्य वर्ग को ₹1.25 लाख तक सब्सिडी।
- केवल 100% इलेक्ट्रिक वाहनों को योजना का लाभ मिलेगा, हाइब्रिड वाहन पात्र नहीं हैं।
- सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से दस्तावेज सत्यापन के बाद बैंक खाते में भेजी जाएगी।
