Bihar TRE 4 भर्ती पर बड़ा अपडेट! 45 हजार की जगह 20 हजार पदों का संकेत, अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता
Bihar TRE 4 Teacher Recruitment को लेकर बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। Bihar TRE 4 Teacher Recruitment से जुड़ी ताजा जानकारी के अनुसार पहले प्रस्तावित 45,198 पदों के मुकाबले अब करीब 20 हजार पदों पर भर्ती होने का संकेत मिला है। नई सरकार के शिक्षा मंत्री के बयान के बाद अभ्यर्थियों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पहले भेजी गई अधिसूचना का क्या होगा और भर्ती प्रक्रिया किस स्वरूप में आगे बढ़ेगी।
नई जानकारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति बन गई है। अब सभी की निगाह 25 जुलाई तक बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी जाने वाली नई अधिसूचना पर टिकी हुई है।
45 हजार पदों से 20 हजार भर्ती तक कैसे पहुंची चर्चा?
फरवरी 2026 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी थी कि TRE-4 के तहत कुल 45,198 शिक्षक पदों पर भर्ती की जाएगी। इस प्रस्ताव में प्राथमिक, मध्य, हाई स्कूल और प्लस-टू विद्यालयों के लिए अलग-अलग रिक्तियां शामिल थीं।
अब नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि 25 जुलाई तक नई अधिसूचना BPSC को भेजी जाएगी और कम से कम 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इस बयान के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि पहले प्रस्तावित पदों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अंतिम रिक्तियां कितनी होंगी।
सबसे बड़ा सवाल: 45,198 पदों वाली पुरानी अधिसूचना का क्या होगा?
नई अधिसूचना भेजने की घोषणा के बाद सबसे अधिक चर्चा इसी बात को लेकर हो रही है कि फरवरी 2026 में तैयार की गई 45,198 पदों वाली अधिसूचना का भविष्य क्या होगा।
अभी तक सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुरानी अधिसूचना वापस ली जाएगी, उसमें संशोधन होगा या फिर नई अधिसूचना पूरी तरह उसकी जगह लेगी।
यही कारण है कि शिक्षक अभ्यर्थी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं ताकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर भ्रम समाप्त हो सके।
पहले किस श्रेणी में कितने पद प्रस्तावित थे?
फरवरी 2026 में प्रस्तावित अधिसूचना के अनुसार विभिन्न विद्यालयों के लिए रिक्तियों का विवरण इस प्रकार था—
- प्लस-टू विद्यालय: 16,774 पद
- प्राथमिक विद्यालय: 10,778 पद
- हाई स्कूल: 9,083 पद
- मिडिल स्कूल: 8,563 पद
इस प्रकार कुल 45,198 पदों पर भर्ती की तैयारी की गई थी।
यदि नई अधिसूचना में लगभग 20 हजार पद ही शामिल किए जाते हैं, तो लगभग सभी श्रेणियों में रिक्तियों की संख्या पहले की तुलना में कम हो सकती है।
सरकार का तर्क क्या है?
शिक्षा मंत्री का कहना है कि बिहार सरकार अब शिक्षक भर्ती को नियमित प्रक्रिया बनाना चाहती है और हर वर्ष नियुक्ति करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सरकार के अनुसार पिछली भर्तियों के दौरान बड़ी संख्या में पद भर चुके हैं। इसके अलावा विभाग में वर्तमान रिक्तियों का नया आकलन किया गया है, जिसके आधार पर नई अधिसूचना तैयार की जा रही है।
सरकार का यह भी मानना है कि वास्तविक रिक्तियों के अनुसार भर्ती करना अधिक व्यावहारिक होगा।
अभ्यर्थियों की चिंता क्यों बढ़ी?
शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों का कहना है कि यदि 45 हजार पदों के बजाय केवल 20 हजार पदों पर भर्ती निकाली जाती है तो प्रतियोगिता और अधिक कठिन हो जाएगी।
अभ्यर्थियों का मानना है कि रिक्तियों में कमी आने से चयन की संभावना प्रभावित होगी। इसलिए वे सरकार से स्पष्ट जानकारी जारी करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच भी इस मुद्दे पर लगातार चर्चा हो रही है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तारीख 25 जुलाई मानी जा रही है। इसी दिन तक नई अधिसूचना BPSC को भेजे जाने की बात कही गई है।
नई अधिसूचना जारी होने के बाद यह साफ हो सकेगा कि—
- कुल कितने पदों पर भर्ती होगी।
- किन-किन वर्गों में रिक्तियां रहेंगी।
- पुरानी अधिसूचना का क्या निर्णय लिया गया।
- भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी।
जब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक पदों की अंतिम संख्या को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
