बिहार STF के हत्थे चढ़ा संतोष डॉन, दो दर्जन से ज्यादा केस दर्ज
संतोष डॉन के खिलाफ लंबे समय से चल रही कार्रवाई के बीच बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संतोष डॉन को बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गिरफ्तार कर लिया है। पटना और नालंदा जिले में सक्रिय इस कुख्यात अपराधी पर हत्या के प्रयास, रंगदारी, जमीन कब्जाने और अन्य गंभीर अपराधों के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना जिले के खुसरूपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
बिहार पुलिस की इस कार्रवाई को राज्य में संगठित अपराध और भू-माफिया नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी उसकी संपत्तियों और कथित आर्थिक गतिविधियों की जांच कर चुकी है।
STF की कार्रवाई में गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, बिहार एसटीएफ ने विशेष अभियान चलाकर संतोष डॉन को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे खुसरूपुर थाना पुलिस को सौंप दिया गया, जहां उससे जुड़े मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पटना, नालंदा और आर्थिक अपराध इकाई में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, रंगदारी, रंगदारी के लिए हत्या, अवैध भूमि कब्जाने और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं।
2015 से अपराध की दुनिया में बढ़ा प्रभाव
पुलिस के अनुसार संतोष डॉन का नाम वर्ष 2015 के बाद तेजी से अपराध जगत में सामने आया।
बीते कुछ वर्षों में उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हुए। आरोप है कि उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विभिन्न इलाकों में जमीन विवाद और रंगदारी से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई।
इसी वजह से वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में था और उसके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही थी।
जून में EOU ने की थी कई ठिकानों पर छापेमारी
इसी वर्ष जून में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने संतोष डॉन से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
पटना, नालंदा और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ यह कार्रवाई की गई थी। जांच एजेंसी ने करीब 25 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था।
इस दौरान उसके पैतृक गांव रहुई प्रखंड के खिदरचक और पचासा सहित कई आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की जांच की गई थी। एजेंसी ने कथित चल-अचल संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की थी।
किन मामलों में दर्ज हैं केस?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संतोष डॉन पर गरीब किसानों की जमीन कब्जाने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी और निजी भूमि हड़पने तथा कारोबारियों से रंगदारी वसूलने जैसे गंभीर आरोप हैं।
इसके अलावा धमकी देने, जानलेवा हमला, गोलीबारी और आर्म्स एक्ट के तहत भी विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
हालांकि इन मामलों में अंतिम फैसला संबंधित अदालतों द्वारा साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा।
किन-किन थानों में दर्ज हैं मामले?
बताया जाता है कि संतोष डॉन के खिलाफ सबसे अधिक मामले पटना जिले के खुसरूपुर थाना में दर्ज हैं।
इसके अलावा फतुहा, भगवान बिगहा और सोहसराय थाना क्षेत्रों में भी उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इन मामलों में हत्या के प्रयास, अवैध हथियार, जमीन कब्जा और रंगदारी जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस अब उसके नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।
भूमि और संपत्तियों की भी हुई थी जांच
जांच एजेंसियों ने पहले की कार्रवाई के दौरान उसकी कथित बेनामी संपत्तियों की भी पड़ताल की थी।
खुसरूपुर के पचरुखिया, जगमालबीघा, सुकरबेगचक, मुस्तफापुर और चौड़ा समेत कई स्थानों पर स्थित संपत्तियों की जांच की गई थी। अधिकारियों ने वहां से उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की जांच शुरू की थी।
इन कार्रवाइयों का उद्देश्य कथित अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जानकारी जुटाना और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
संतोष डॉन की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे जुड़े लंबित मामलों, कथित आपराधिक नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों की जांच को आगे बढ़ाएगी।
साथ ही संबंधित एजेंसियां उसके खिलाफ दर्ज मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगी। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
