Bharat Tiwari Encounter: जंतर-मंतर पर न्याय की गूंज, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
Bharat Tiwari Encounter मामले को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी न्याय अधिकार सभा आयोजित की गई। Bharat Tiwari Encounter को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में आयोजकों के अनुसार बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों से हजारों लोग शामिल हुए। सभा में भरत तिवारी के परिजनों, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मामले में शीघ्र न्याय की मांग की। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने की भी घोषणा की गई।
जंतर-मंतर पर न्याय अधिकार सभा में जुटे हजारों लोग
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति गीत 'हम वतन साथियों' से हुई। इसके बाद भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सभा में मौजूद लोगों ने न्याय की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में करीब 12 हजार लोग शामिल हुए। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मंच से वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया और कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने का प्रयास है।
परिवार ने उठाए कई सवाल
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को एक महीना पूरा होने पर उनकी मां आशा देवी ने मामले में कार्रवाई की गति पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों को न्याय दिलाने की बात करती है, लेकिन उनके बेटे के मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
सभा में मौजूद भरत तिवारी की बहन रूबी भी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।
11 सदस्यीय समिति बनाई गई
मामले की कानूनी निगरानी और आगे की रणनीति के लिए एक समिति गठित की गई है।
आयोजकों के अनुसार 'अमर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष समिति' का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अनिल मिश्रा बनाए गए हैं। इसके अलावा कार्यकारी अध्यक्ष, संयोजक और अन्य पदों पर भी विभिन्न सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समिति का उद्देश्य मामले की कानूनी समीक्षा करना और आगे की रणनीति तैयार करना बताया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने क्या कहा?
सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच किसी उच्च न्यायिक निगरानी में कराए जाने पर विचार किया जाना चाहिए ताकि जांच प्रक्रिया पर सभी पक्षों का विश्वास बना रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके संबंध में उचित प्रशासनिक निर्णय लेने पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजने की घोषणा भी की गई।
आंदोलन आगे भी जारी रखने की घोषणा
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न राज्यों में भी इस मुद्दे को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखा जाएगा।
हालांकि, मामले की जांच से संबंधित अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
मामले में अब तक क्या है स्थिति?
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं।
परिवार और समर्थक निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि मामले से जुड़ी आधिकारिक जांच प्रक्रिया जारी है। अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार जांच पूरी नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियां तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही सामने आते हैं।
मुख्य बातें
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर भरत तिवारी मामले में न्याय अधिकार सभा आयोजित हुई।
- आयोजकों के अनुसार कई राज्यों से हजारों लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
- परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
- मामले की कानूनी निगरानी के लिए समिति गठित करने की जानकारी दी गई।
- राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई।
