Patna Pakadua Vivah: युवक बोला- छोटी बहन से रिश्ता था, बड़ी बहन से जबरन करा दी शादी
Barh Pakadua Vivah Case ने पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में लोगों का ध्यान खींचा है। Barh Pakadua Vivah Case में सिविल कोर्ट परिसर उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब एक युवक ने कोर्ट मैरिज के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। युवक का आरोप है कि उसकी इच्छा के विरुद्ध गांव के मंदिर में उसकी शादी कराई गई, जबकि लड़की पक्ष ने उस पर दहेज मांगने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के आरोपों के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के दावों की पुलिस जांच कर रही है। किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार युवक का नाम नीतीश कुमार बताया गया है। उसका कहना है कि करीब दो महीने पहले एक पारिवारिक समारोह में उसकी मुलाकात महिला से हुई थी।
दोनों के बीच इसके बाद फोन पर बातचीत होने लगी। युवक का दावा है कि वह महिला की छोटी बहन से विवाह के लिए तैयार था, लेकिन परिस्थितियां बदल गईं।
युवक के अनुसार, जब वह महिला को उसके घर छोड़ने गया तो परिजनों ने उसे रात में वहीं रुकने के लिए कहा। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और गांव के मंदिर में जबरन शादी करा दी गई।
कोर्ट मैरिज के समय बढ़ा विवाद
मंदिर में विवाह होने के दावे के बाद दोनों पक्ष कोर्ट मैरिज के लिए बाढ़ सिविल कोर्ट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे।
युवक ने आरोप लगाया कि उसने विवाह के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसकी सहमति से विवाह नहीं हुआ था।
कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई।
स्थिति बिगड़ने पर वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को पुलिस के हवाले कर दिया।
लड़की पक्ष ने लगाए दहेज मांगने के आरोप
दूसरी ओर, महिला और उसके परिजनों ने युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि युवक का परिवार विवाह के लिए 20 लाख रुपये दहेज की मांग कर रहा था। इसी कारण विवाह से पीछे हटने की कोशिश की जा रही है।
महिला पक्ष ने युवक के जबरन शादी कराने के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज कर तथ्यों की जांच कर रही है।
महिला निजी अस्पताल में नर्स बताई गई
प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित महिला पटना के एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत हैं।
बताया गया है कि वह पहले से विवाहित थीं और बाद में उनका तलाक हो चुका है। उनका एक बच्चा भी है और वह वर्तमान में अपनी मां के साथ रहती हैं।
हालांकि इन तथ्यों की भी पुलिस अपने स्तर पर पुष्टि कर रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोर्ट परिसर में विवाद बढ़ने के बाद बाढ़ थाना पुलिस दोनों पक्षों को अपने साथ थाने ले गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
यदि जांच में किसी भी पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पकड़ौआ विवाह क्या है?
बिहार में पहले 'पकड़ौआ विवाह' के मामले समय-समय पर चर्चा में आते रहे हैं। इसमें किसी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध कथित रूप से विवाह कराने के आरोप लगाए जाते हैं।
हालांकि ऐसे मामलों में हर घटना की परिस्थितियां अलग होती हैं और प्रत्येक मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर की जाती है।
इस मामले में भी अभी पुलिस जांच जारी है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
आगे क्या होगा?
अब पुलिस दोनों पक्षों के बयान, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी।
यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित लोगों से पूछताछ, गवाहों के बयान और अन्य कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किस पक्ष के आरोप सही हैं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी।
