Bankipur By Election 2026: BJP ने संगठन के पुराने कार्यकर्ता पर खेला बड़ा दांव
Bankipur By Election 2026 बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो चुका है। Bankipur By Election 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने किसी बड़े चेहरे के बजाय लंबे समय से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ता अभिषेक कुमार उर्फ बंटी को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर उनका मुकाबला जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता से माना जा रहा है। ऐसे में यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि अलग-अलग राजनीतिक रणनीतियों की परीक्षा भी बन गया है।
नामांकन से पहले अभिषेक बंटी का अपनी मां का आशीर्वाद लेते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो में वह मां के पैर छूते हुए भावुक दिखाई देते हैं, जिसे लेकर समर्थकों के बीच भी काफी चर्चा हो रही है।
26 साल का संगठनात्मक सफर, अब पहली विधानसभा चुनावी परीक्षा
अभिषेक कुमार उर्फ बंटी का भाजपा से जुड़ाव वर्ष 1999 से बताया जाता है।
पार्टी में उन्होंने मंडल अध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे कई संगठनात्मक दायित्व निभाए हैं। लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहने के बाद अब पहली बार उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने का अवसर मिला है।
भाजपा का यह फैसला इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी संगठन से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की रणनीति पर काम कर रही है।
मैट्रिक तक की पढ़ाई, राजनीति में लंबा अनुभव
नामांकन पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार अभिषेक कुमार ने बिहार बोर्ड से मैट्रिक तक की शिक्षा प्राप्त की है।
उन्होंने वर्ष 2000 में दरभंगा के एक विद्यालय से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उन्होंने आगे की औपचारिक पढ़ाई नहीं की, लेकिन संगठनात्मक राजनीति में लगातार सक्रिय रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने उनकी संगठनात्मक पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत नेटवर्क को प्राथमिकता दी है।
हलफनामे में कितनी संपत्ति का किया खुलासा?
चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के अनुसार अभिषेक कुमार के पास लगभग 19.60 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति है।
वहीं उनकी पत्नी के नाम करीब 9.92 लाख रुपये की संपत्ति दर्ज है।
हलफनामे में लगभग 10 लाख रुपये के कर्ज का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा उनके पास एक कार, एक मोटरसाइकिल तथा विभिन्न बीमा योजनाओं में निवेश की जानकारी भी दी गई है।
आभूषणों का भी किया गया उल्लेख
चुनावी हलफनामे में अभिषेक कुमार ने अपने पास मौजूद आभूषणों की भी जानकारी दी है।
दस्तावेज़ के अनुसार उनके पास सोने की चेन और अंगूठी है, जबकि उनकी पत्नी के पास सोने और चांदी के आभूषण हैं।
हालांकि राजनीतिक चर्चा का मुख्य केंद्र उनकी संपत्ति नहीं, बल्कि संगठन के एक कार्यकर्ता से विधानसभा उम्मीदवार बनने का उनका सफर बना हुआ है।
प्रशांत किशोर और रेखा गुप्ता से होगा मुकाबला
बांकीपुर उपचुनाव इस बार त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
भाजपा उम्मीदवार अभिषेक बंटी के सामने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा गुप्ता चुनाव मैदान में हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सीट का परिणाम बिहार की आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है।
बांकीपुर सीट क्यों है इतनी अहम?
यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद रिक्त हुई थी।
इसी कारण इस उपचुनाव पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
भाजपा ने इस सीट पर संगठन से जुड़े चेहरे को मौका देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी केवल बड़े नेताओं पर ही नहीं, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं पर भी भरोसा करती है।
दूसरी ओर विपक्षी दल इस चुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का अवसर मान रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा में अभिषेक बंटी
नामांकन से पहले सामने आया अभिषेक बंटी का अपनी मां का आशीर्वाद लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।
वीडियो में भावुक पल देखने को मिले, जिस पर समर्थकों और आम लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि चुनावी मुकाबले का फैसला अंततः मतदाता करेंगे और सभी दल अपने-अपने चुनाव प्रचार में जुट चुके हैं।
क्या होगा इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले का असर?
बांकीपुर उपचुनाव को केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने वाला मुकाबला भी माना जा रहा है।
भाजपा ने संगठन से निकले उम्मीदवार पर दांव लगाया है, जबकि विपक्ष अपने प्रमुख चेहरों के साथ मैदान में है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता किस राजनीतिक रणनीति को अधिक समर्थन देते हैं।
