Bankipur Bypoll 2026: तेज प्रताप की उम्मीदवार का नामांकन रद्द, कोर्ट जाने की तैयारी

 


Bankipur Bypoll 2026 में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़ा चुनावी घटनाक्रम सामने आया है। Bankipur Bypoll 2026 के तहत जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान रद्द कर दिया गया। जांच में उनके नामांकन पत्र पर निर्धारित संख्या से एक प्रस्तावक कम मिलने के कारण यह कार्रवाई की गई। इस फैसले के बाद जेजेडी प्रमुख तेज प्रताप यादव ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पहले से ही राजनीतिक रूप से चर्चाओं में है। अब वीणा मानवी के नामांकन रद्द होने के बाद चुनावी मुकाबले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि निर्वाचन अधिकारियों की ओर से कार्रवाई चुनावी नियमों के आधार पर किए जाने की बात सामने आई है।

एक प्रस्तावक कम होने पर नामांकन हुआ रद्द

जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान पाया गया कि वीणा मानवी के नामांकन पत्र पर केवल 9 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर थे।

निर्वाचन नियमों के अनुसार, संबंधित श्रेणी के उम्मीदवार के लिए 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर आवश्यक थे। एक प्रस्तावक कम होने के कारण उनका नामांकन वैध नहीं माना गया और उसे रद्द कर दिया गया।

इससे पहले 13 जुलाई को वीणा मानवी ने नामांकन दाखिल किया था। उसी दिन उन्हें एक पुराने धोखाधड़ी मामले में पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी।

तेज प्रताप यादव बोले- अदालत में देंगे चुनौती

नामांकन रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव पटना समाहरणालय पहुंचे।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे और मामले को अदालत में चुनौती देंगे।

हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक इस मामले पर अलग से कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नामांकन की जांच चुनावी नियमों के तहत की गई।

कुल 18 उम्मीदवारों के नामांकन भी हुए खारिज

वीणा मानवी अकेली उम्मीदवार नहीं हैं जिनका नामांकन रद्द हुआ है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में कुल 57 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था।

जांच के बाद 28 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए, जबकि 18 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए गए।

रद्द किए गए नामांकन में विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इनमें सोशलिस्ट पार्टी, राष्ट्रीय विकास पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, भोजपुरिया जन मोर्चा, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक और लोहिया जनता दल के उम्मीदवार भी शामिल हैं। इसके अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे भी जांच के दौरान अमान्य पाए गए।

नामांकन जांच क्यों होती है महत्वपूर्ण?

चुनाव प्रक्रिया में नामांकन दाखिल करने के बाद निर्वाचन अधिकारी सभी दस्तावेजों और कानूनी औपचारिकताओं की जांच करते हैं।

यदि किसी उम्मीदवार के दस्तावेज अधूरे हों, आवश्यक प्रस्तावकों की संख्या पूरी न हो या नियमों का पालन न किया गया हो, तो निर्वाचन कानून के तहत नामांकन रद्द किया जा सकता है।

बांकीपुर उपचुनाव में हुई इस कार्रवाई ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या वीणा मानवी की ओर से कानूनी चुनौती दी जाती है और यदि ऐसा होता है तो अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है।

मुख्य बातें (Featured Snippet)

  • बांकीपुर उपचुनाव में वीणा मानवी का नामांकन रद्द।
  • नामांकन पत्र में 10 की जगह केवल 9 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर मिले।
  • तेज प्रताप यादव ने फैसले को राजनीतिक साजिश बताया।
  • मामले को अदालत में चुनौती देने की घोषणा की।
  • कुल 57 नामांकन में से 28 मंजूर और 18 रद्द हुए।
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