Bankipur Bypoll 2026: प्रशांत किशोर के हलफनामे में बड़ा खुलासा, पत्नी निकलीं उनसे कहीं ज्यादा अमीर


 

Bankipur Bypoll 2026 में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों के हलफनामे सार्वजनिक हो गए हैं। Bankipur Bypoll 2026 के तहत जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए शपथपत्र में उनकी संपत्ति, निवेश, बैंक जमा, आयकर भुगतान और पारिवारिक संपत्तियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, लेकिन उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास उनसे कहीं अधिक संपन्न हैं। शपथपत्र में यह भी उल्लेख है कि उनके बेटे के नाम पर भी करोड़ों रुपये की संपत्ति दर्ज है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए दाखिल किए गए इस हलफनामे के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों द्वारा अपनी संपत्ति और देनदारियों का ब्यौरा देना अनिवार्य होता है।

प्रशांत किशोर के पास कितनी संपत्ति और निवेश?

चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के पास 65,570 रुपये नकद हैं। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न बैंकों में 7.36 करोड़ रुपये से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कर रखी है।

हलफनामे में यह भी बताया गया है कि उन्होंने लगभग 5.34 करोड़ रुपये का जीवन बीमा लिया हुआ है। उनके एक बैंक खाते में 24,844 रुपये जमा हैं।

निवेश की बात करें तो उनके पास भारती एयरटेल और इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयर हैं। इन शेयरों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 63.44 लाख रुपये बताया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि गहनों के नाम पर उनके पास केवल 0.6 ग्राम सोना और एक पन्ने की अंगूठी है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये है। हलफनामे के अनुसार, उनके नाम पर कोई निजी वाहन दर्ज नहीं है।

पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के नाम सबसे ज्यादा संपत्ति

हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर की पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के नाम पर करीब 112 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति दर्ज है। इसमें लगभग 89 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति शामिल है।

इसके अलावा परिवार के पास पटना के साथ-साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुवाहाटी में भी जमीन, फ्लैट और अन्य अचल संपत्तियां मौजूद हैं।

हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके बेटे दैबिक भारद्वाज के नाम पर भी करोड़ों रुपये की संपत्ति दर्ज है, जिससे परिवार की कुल संपत्ति का आकार और बड़ा हो जाता है।

पत्नी से लिया पर्सनल लोन, टैक्स भुगतान का भी दिया ब्यौरा

हलफनामे का एक रोचक पहलू यह भी है कि प्रशांत किशोर ने अपनी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास से 41,88,373 रुपये का व्यक्तिगत ऋण लिया हुआ है। यह जानकारी भी उन्होंने चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्र में दर्ज की है।

आयकर भुगतान के संबंध में हलफनामे में बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रशांत किशोर ने लगभग 10 करोड़ रुपये आयकर और जीएसटी के रूप में जमा किए हैं।

वहीं, उनकी पत्नी भी हर वर्ष लगभग 8 से 9 लाख रुपये का आयकर भुगतान करती हैं।

चुनावी हलफनामा क्यों होता है महत्वपूर्ण?

भारत में चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन के समय अपनी संपत्ति, देनदारियां, आय, शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी हलफनामे में देना अनिवार्य होता है।

इसका उद्देश्य मतदाताओं को उम्मीदवारों की वित्तीय और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि की पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे सूचित निर्णय ले सकें।

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के हलफनामे से सामने आई यह जानकारी अब चुनावी चर्चा का अहम विषय बन गई है। हालांकि, हलफनामे में दर्ज सभी विवरण उम्मीदवार द्वारा स्वयं घोषित जानकारी पर आधारित होते हैं।

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