बांकीपुर उपचुनाव: उपेंद्र सहनी ने सबसे पहले भरा पर्चा, चुनाव में 42 सेक्टर पदाधिकारी होंगे तैनात


 बांकीपुर उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। बांकीपुर उपचुनाव के लिए सोमवार से नामांकन दाखिल किए जाने लगे और सबसे पहले राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी के उम्मीदवार उपेंद्र सहनी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। जिला प्रशासन ने भी चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एवं निगरानी की व्यापक व्यवस्था कर दी है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस सीट पर प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

बांकीपुर उपचुनाव का पूरा चुनावी कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

  • अधिसूचना जारी: 7 जुलाई
  • नामांकन की अंतिम तिथि: 13 जुलाई
  • मतदान: 30 जुलाई
  • मतगणना: 3 अगस्त

प्रशासन का कहना है कि सभी चरणों की तैयारियां तय समय पर पूरी की जा रही हैं ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

सबसे पहले उपेंद्र सहनी ने दाखिल किया नामांकन

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सबसे पहले राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी के उम्मीदवार उपेंद्र सहनी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने पटना सदर अनुमंडल के निर्वाची पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष अपना पर्चा जमा किया। उपेंद्र सहनी मूल रूप से सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र के पकरी गांव के निवासी हैं। वे स्नातक शिक्षित हैं और होटल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। नामांकन पत्र में दिए गए शपथपत्र के अनुसार उनके पास लगभग 65 हजार रुपये की चल संपत्ति और करीब 9 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। पटना के महुआ बाग स्थित देवगंगा अपार्टमेंट में उनके दो फ्लैट भी हैं। इसके अलावा उन्होंने केनरा बैंक से 6.50 लाख रुपये का ऋण लिया हुआ है। उनकी पत्नी के पास लगभग 15.66 लाख रुपये की चल संपत्ति और 1.25 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है। शपथपत्र के अनुसार उनके पास लगभग 100 ग्राम सोना और एक किलो चांदी भी है।

चुनाव के लिए प्रशासन की व्यापक तैयारी

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला प्रशासन ने कुल 21 अलग-अलग कोषांगों का गठन किया है। इसके साथ ही 42 सेक्टर पदाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा चुनाव के दौरान निगरानी के लिए तीन फ्लाइंग स्क्वायड तथा नौ स्टैटिक सर्विलांस टीम भी सक्रिय रहेंगी। इन टीमों की जिम्मेदारी आदर्श आचार संहिता के पालन और चुनावी गतिविधियों की निगरानी करना होगी।

नामांकन के दौरान क्या रहेंगे नियम

प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्वाची पदाधिकारी कार्यालय से 100 मीटर की परिधि के भीतर उम्मीदवार की ओर से केवल तीन वाहनों को अनुमति मिलेगी। वहीं नामांकन कक्ष में उम्मीदवार के साथ अधिकतम चार अन्य व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने इस उपचुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार के लिए 40 लाख रुपये की अधिकतम चुनावी व्यय सीमा निर्धारित की है। सभी उम्मीदवारों को अपने खर्च का पूरा लेखा-जोखा आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार देना होगा।

सामान्य और व्यय प्रेक्षकों की हुई नियुक्ति

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सामान्य एवं व्यय प्रेक्षकों की नियुक्ति भी कर दी है। आईएएस अधिकारी शिव सहाय अवस्थी को सामान्य प्रेक्षक बनाया गया है, जबकि आईआरएस अधिकारी शिवप्रताप सिंह को व्यय प्रेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार को सामान्य प्रेक्षक ने डिस्पैच सेंटर और स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल में डिस्पैच सेंटर तथा एएन कॉलेज परिसर में स्ट्रॉन्ग रूम बनाया जा रहा है।

मुकाबले पर टिकी राजनीतिक नजर

बांकीपुर विधानसभा सीट को बिहार की चर्चित और महत्वपूर्ण सीटों में माना जाता है। यह सीट राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद नितिन नवीन के इस्तीफे से रिक्त हुई थी, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। इस सीट से जनसुराज पार्टी की ओर से प्रशांत किशोर मैदान में हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने समाचार लिखे जाने तक अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रमुख दलों के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद चुनाव प्रचार और अधिक तेज होने की संभावना है।

बांकीपुर उपचुनाव क्यों है अहम?

बांकीपुर विधानसभा सीट पटना शहर की प्रमुख राजनीतिक सीटों में शामिल है। यहां का चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासन भी चुनाव प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने पर विशेष जोर दे रहा है।

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