Bankipur Bypoll: बांकीपुर में पिछले 4 चुनावों में सबसे कम हुई वोटिंग, जानें क्या रही बड़ी वजह?
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
Bankipur Bypoll में इस बार मतदान का प्रतिशत उम्मीद से काफी कम रहा। Bankipur Bypoll के तहत 30 जुलाई को पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर सिर्फ 34.31 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले करीब सात प्रतिशत कम है। कम मतदान ने अब राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वोटर घरों से क्यों नहीं निकले और इसका फायदा किस दल को मिल सकता है। हालांकि इसका अंतिम जवाब 3 अगस्त को मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
बांकीपुर में पिछले चार चुनावों से भी कम रही वोटिंग
इस बार का मतदान प्रतिशत पिछले कई चुनावों की तुलना में सबसे कम रहा। उपलब्ध आंकड़ों पर नजर डालें तो मतदान का रिकॉर्ड इस प्रकार रहा—
- 2010: 36.96%
- 2015: 40.24%
- 2020: 35.91%
- 2025: 41.35%
- 2026 उपचुनाव: 34.31%
दिलचस्प बात यह है कि कोरोना महामारी के दौरान हुए 2020 के चुनाव में भी मतदान प्रतिशत इस बार से अधिक था। इससे साफ है कि इस उपचुनाव में मतदाताओं की भागीदारी अपेक्षा से काफी कम रही।
कम वोटिंग की क्या रही प्रमुख वजह?
मतदान के दौरान कई ऐसे कारण सामने आए जिन्हें कम वोटिंग का जिम्मेदार माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में मतदाता रोजगार और पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहते हैं। उपचुनाव होने के कारण कई लोग मतदान के लिए वापस नहीं आ सके। इसके अलावा कुछ मतदान केंद्रों पर सुबह के समय बेहद कम भीड़ देखने को मिली। शुरुआती घंटों में कई बूथों पर केवल एक-दो मतदाता ही पहुंचे। दोपहर में मतदान की रफ्तार कुछ बढ़ी, लेकिन बाद में हुई बारिश ने फिर गति धीमी कर दी। मौसम भी मतदान प्रतिशत कम रहने की एक अहम वजह माना जा रहा है। कुछ मतदाताओं ने चुनाव को लेकर कम रुचि भी दिखाई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि उपचुनाव होने के कारण सामान्य चुनाव जैसी उत्सुकता देखने को नहीं मिली।
दिनभर ऐसा रहा मतदान का प्रतिशत
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मतदान धीरे-धीरे बढ़ा, लेकिन अंतिम आंकड़ा 34.31 प्रतिशत पर ही पहुंच सका।
समय के अनुसार मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा—
- सुबह 9:00 बजे तक – 4.61%
- सुबह 11:00 बजे तक – 11.50%
- दोपहर 1:00 बजे तक – 20.01%
- दोपहर 3:00 बजे तक – 27.90%
- शाम 5:00 बजे तक – 33.57%
- शाम 6:00 बजे तक – 34.31%
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पूरे दिन मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही।
422 बूथों पर हुई वोटिंग, 25 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद
बांकीपुर उपचुनाव में कुल 422 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया गया। चुनाव मैदान में 25 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मतदान समाप्त होने के बाद सभी ईवीएम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पटना स्थित एएन कॉलेज के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रख दिया गया। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
3 अगस्त को होगी मतगणना
अब सभी की नजर मतगणना पर टिकी है। 3 अगस्त को वोटों की गिनती होगी। मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं और कुल 30 राउंड में गिनती पूरी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार दोपहर तक परिणाम घोषित होने की संभावना है। नतीजे आने के बाद ही यह साफ होगा कि कम मतदान का फायदा किस उम्मीदवार या राजनीतिक दल को मिला।
उपचुनाव क्यों हुआ?
बांकीपुर विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद कराया गया। सीट खाली होने के कारण निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की थी। अब इस चुनाव के नतीजे सिर्फ स्थानीय राजनीति ही नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
क्या कम वोटिंग किसी पार्टी के लिए संकेत है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कम मतदान का असर हर चुनाव में अलग-अलग हो सकता है। कई बार संगठित वोट बैंक वाली पार्टियों को इसका लाभ मिलता है, जबकि कई मामलों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की लोकप्रियता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। हालांकि केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर किसी दल की जीत या हार का अनुमान लगाना उचित नहीं माना जाता। वास्तविक तस्वीर मतगणना के बाद ही सामने आएगी।