Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी पर पहली गोली चलाने वाला STF जवान गिरफ्तार, 24 जुलाई को CM सम्राट से मिला था परिवार

Bharat Tiwari Encounter मामले में जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। Bharat Tiwari Encounter से जुड़े मामले में गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एक जवान को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार जवान पर आरोप है कि उसने भरत तिवारी के आत्मसमर्पण करने के बाद सबसे पहले गोली चलाई थी। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की जांच और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए कथित एनकाउंटर के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। परिजनों ने शुरुआत से ही कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब जांच के दौरान हुई इस गिरफ्तारी को मामले की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी क्यों हुई?
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए STF जवान अक्षय कुमार के खिलाफ जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। जानकारी के मुताबिक, एनकाउंटर के बाद दर्ज प्राथमिकी में उसका नाम सामने आया था। इसके बाद से वह फरार बताया जा रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। आखिरकार गुरुवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अब उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का आरोप- सरेंडर के बाद चली थी पहली गोली
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने शुरुआत से ही आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मारी गई। परिवार का दावा है कि सबसे पहले गोली चलाने वाले जवान अक्षय कुमार ही थे। यही आरोप प्राथमिकी और जांच का भी हिस्सा बना। जांच एजेंसियां अब इसी पहलू को केंद्र में रखकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
सीएम सम्राट चौधरी ने परिवार को दिया था न्याय का भरोसा
24 जुलाई को भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। इस दौरान परिवार ने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी कहा था कि सरकार निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी और पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इसके बाद से इस मामले की जांच पर लगातार नजर रखी जा रही थी और अब STF जवान की गिरफ्तारी को उसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
अब जांच किस दिशा में बढ़ेगी?
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि कथित एनकाउंटर के दौरान किस परिस्थिति में गोली चली और क्या सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। साथ ही, अन्य पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है। यदि जांच में किसी और के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है तथा घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की दोबारा समीक्षा की जा सकती है।
मामला क्यों बना था चर्चा का विषय?
भरत तिवारी की कथित एनकाउंटर में मौत के बाद यह मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया था। परिजनों और कई सामाजिक संगठनों ने न्यायिक जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया था। मामले को लेकर लगातार सवाल उठते रहे कि क्या एनकाउंटर की पूरी प्रक्रिया कानून के अनुरूप हुई थी। इसी कारण जांच एजेंसियों ने कई स्तरों पर साक्ष्य जुटाए और संबंधित लोगों से पूछताछ की। अब STF जवान की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही है कि जांच और अधिक स्पष्ट दिशा में आगे बढ़ेगी। हालांकि, पूरे मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।