बांकीपुर उपचुनाव में BJP ने झोंकी पूरी ताकत, नितिन नवीन फिर पहुंचे पटना
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। बांकीपुर उपचुनाव को पार्टी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है, यही वजह है कि बिहार भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन चार दिन के भीतर दूसरी बार दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को पटना पहुंचे। राजधानी पहुंचते ही उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति की समीक्षा की। पार्टी का लक्ष्य भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा की जीत सुनिश्चित करना और बांकीपुर सीट पर अपना मजबूत जनाधार बनाए रखना है।
बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में सक्रिय होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। ऐसे में भाजपा संगठन स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती।
बांकीपुर सीट पर क्यों बढ़ा भाजपा का फोकस?
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। यह सीट बिहार भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक और राजनीतिक रूप से मजबूत सीट रही है।
इसी कारण पार्टी इस उपचुनाव को केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक साख से जुड़ा मुकाबला मान रही है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि इस सीट पर संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़े और किसी प्रकार की चूक न हो।
पटना पहुंचते ही चुनावी रणनीति पर मंथन
पटना पहुंचने के बाद नितिन नवीन ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं।
बैठकों में बूथ स्तर की तैयारियों, मतदाता संपर्क अभियान और संगठन की सक्रियता पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने और प्रत्येक बूथ पर संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
भाजपा का मानना है कि मजबूत संगठन और लगातार जनसंपर्क अभियान चुनावी सफलता की अहम कुंजी साबित हो सकते हैं।
प्रशांत किशोर की मौजूदगी से बदले चुनावी समीकरण
बांकीपुर उपचुनाव इस बार इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर स्वयं चुनावी मैदान में सक्रिय हैं।
उनकी सक्रियता के बाद चुनावी मुकाबला पहले की तुलना में अधिक रोचक माना जा रहा है। इसी वजह से भाजपा ने भी अपने प्रचार अभियान की गति बढ़ा दी है और संगठन को लगातार सक्रिय बनाए रखा है।
हालांकि चुनावी परिणाम का फैसला मतदान के बाद ही होगा, लेकिन दोनों पक्ष पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुटे हैं।
नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में करेंगे प्रचार
पार्टी सूत्रों के अनुसार नितिन नवीन भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में जनसभाएं और चुनावी कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा विभिन्न इलाकों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर चुनावी अभियान की निगरानी भी करेंगे। भाजपा का लक्ष्य अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच बनाना और अपने पक्ष में माहौल तैयार करना है।
सम्राट चौधरी ने भी की मुलाकात
शनिवार शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित आवास पर नितिन नवीन से मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच राज्य की राजनीतिक स्थिति और बांकीपुर उपचुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। बैठक में चुनाव प्रचार की रणनीति, आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
हालांकि बैठक के बाद विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन उपचुनाव प्रमुख चर्चा का विषय रहा।
चार दिन में दूसरी बार पटना दौरे के क्या हैं मायने?
इससे पहले भी 13 जुलाई को नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर पटना आए थे।
उन्होंने 13 और 14 जुलाई को लगातार बैठकों के जरिए चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी। चार दिन के भीतर दूसरी बार राजधानी पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भाजपा इस उपचुनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क है और संगठनात्मक स्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बार-बार हो रही बैठकों का उद्देश्य चुनाव प्रचार को और प्रभावी बनाना तथा कार्यकर्ताओं में उत्साह बनाए रखना है।
चुनावी मुकाबले पर बनी रहेगी नजर
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।
एक ओर भाजपा अपने पारंपरिक जनाधार को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी चुनावी अभियान में सक्रिय है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार, जनसभाओं और राजनीतिक बयानबाजी के तेज होने की संभावना है।
मतदान तक सभी प्रमुख दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करेंगे और चुनावी रणनीति को लगातार धार देते रहेंगे।
