Bankipur By Election 2026: प्रशांत किशोर की एंट्री से बांकीपुर में मुकाबला दिलचस्प, भाजपा के तीन चेहरे रेस में आगे
पटना की बांकीपुर उपचुनाव सीट पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बांकीपुर उपचुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सभी दल चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा के बाद इस सीट का मुकाबला पहले से अधिक दिलचस्प माना जा रहा है। पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। वहीं भाजपा भी अपनी परंपरागत सीट बचाने के लिए उम्मीदवार चयन और संगठनात्मक तैयारी में तेजी ला चुकी है।
भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव भाजपा के लिए केवल एक चुनाव नहीं बल्कि प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई है। ऐसे में भाजपा किसी भी कीमत पर इस सीट को अपने कब्जे में बनाए रखना चाहती है।
इसी रणनीति के तहत रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक हुई। करीब एक घंटे तक संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि अभी अंतिम नाम तय नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी जल्द ही उम्मीदवार घोषित कर सकती है।
भाजपा उम्मीदवार की दौड़ में तीन नाम सबसे आगे
भाजपा सूत्रों के अनुसार तीन नेताओं के नाम सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं। इनमें प्रो. रणवीर नंदन, नील रतन घोष और अजय आलोक प्रमुख बताए जा रहे हैं।
पार्टी के अंदर यह भी माना जा रहा है कि उम्मीदवार के चयन में केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका निर्णायक होगी। भाजपा की परंपरा रही है कि महत्वपूर्ण सीटों पर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति से लिया जाता है। इसलिए उम्मीदवार की घोषणा पर सभी की नजरें टिकी हैं।
प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी से बदला चुनावी समीकरण
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार किसी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के रूप में उतर रहे हैं। उनकी घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि विपक्षी दल उन्हें साझा उम्मीदवार के रूप में समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं।
यदि ऐसा होता है तो बांकीपुर उपचुनाव सीधे भाजपा और संयुक्त विपक्ष के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन सकता है। हालांकि अभी तक किसी दल ने आधिकारिक रूप से साझा उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
विपक्ष में साझा उम्मीदवार पर बढ़ी चर्चा
महागठबंधन ने अब तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इसी बीच कांग्रेस के कुछ नेताओं ने प्रशांत किशोर को समर्थन देने की सार्वजनिक अपील कर राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने कहा कि यदि प्रशांत किशोर चुनाव लड़ रहे हैं तो विपक्ष को उनके समर्थन पर विचार करना चाहिए। उनका तर्क है कि इस सीट पर भाजपा की हार राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संदेश दे सकती है।
हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने इसे व्यक्तिगत राय बताते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी का आधिकारिक निर्णय अभी बाकी है। दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल भी फिलहाल अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है।
भाजपा की बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
बांकीपुर उपचुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित भाजपा की बैठक में कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, राधामोहन सिंह, मंगल पांडेय, सांसद डॉ. संजय जायसवाल तथा प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनावी रणनीति और मजबूत उम्मीदवार के चयन पर सहमति बनाना था। पार्टी संगठन इस सीट को लेकर पूरी ताकत लगाने के संकेत दे चुका है।
आने वाले दिनों में और दिलचस्प होगा मुकाबला
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही बांकीपुर का चुनाव अब पूरी तरह चुनावी मोड में प्रवेश कर चुका है। भाजपा उम्मीदवार की घोषणा, महागठबंधन की रणनीति और प्रशांत किशोर के चुनाव प्रचार पर अगले कुछ दिनों में सबकी नजर रहेगी।
यदि विपक्ष साझा उम्मीदवार के फार्मूले पर सहमत होता है तो यह उपचुनाव बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो सकता है। वहीं भाजपा भी अपनी मजबूत संगठनात्मक पकड़ और परंपरागत वोट बैंक के भरोसे सीट बरकरार रखने की कोशिश करेगी। ऐसे में बांकीपुर का चुनाव केवल स्थानीय नहीं बल्कि राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है।
