Bankipur By-Election: पप्पू यादव का प्रशांत किशोर पर हमला, बोले- ‘हवा-हवाई राजनीति से नहीं मिलेंगे वोट’
Bankipur By-Election को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। Bankipur By-Election में जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी तय होने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति और राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें “हवा-हवाई नेता” बताया। उन्होंने दावा किया कि केवल प्रचार, संसाधनों या सोशल मीडिया के सहारे चुनाव नहीं जीता जा सकता, बल्कि जनता के बीच लंबे समय तक सक्रिय रहना जरूरी होता है।
पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर पर साधा निशाना
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी चुनाव लड़ सकता है, लेकिन जीत का फैसला जनता करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने चुनाव लड़ने से पहले विपक्षी दलों से कोई व्यापक संवाद नहीं किया। उनके अनुसार, यदि विपक्ष एकजुट होकर चुनाव लड़े तो भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सकती है।
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि बिहार की जनता राजनीतिक रूप से जागरूक है और केवल प्रचार के आधार पर मतदान नहीं करती।
विपक्षी एकजुटता पर भी उठाए सवाल
पूर्णिया सांसद ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार प्रशांत किशोर ने न तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से बातचीत की और न ही कांग्रेस के साथ कोई समन्वय बनाया।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को साथ लेकर चलना चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। उनके मुताबिक, साझा प्रयास से चुनाव लड़ने पर परिणाम अलग हो सकते हैं।
हालांकि, जन सुराज की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
'जनता के बीच संघर्ष भी जरूरी'
पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव केवल संसाधनों या प्रचार अभियान के दम पर नहीं जीते जाते।
उन्होंने दावा किया कि जनता उम्मीदवार के सामाजिक और राजनीतिक योगदान को भी महत्व देती है। उनके अनुसार, किसी भी नेता के लिए जनता के बीच लगातार मौजूद रहना और जन मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाना महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं, जिन पर विभिन्न राजनीतिक दलों की सक्रियता अलग-अलग रही।
भाजपा उम्मीदवार का अब भी इंतजार
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद हो रहा है। उनके इस्तीफे के कारण यह सीट खाली हुई।
जन सुराज ने पहले ही प्रशांत किशोर को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। दूसरी ओर, खबर लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब भाजपा के उम्मीदवार और विपक्षी दलों की आगे की रणनीति पर बनी हुई है।
बांकीपुर उपचुनाव क्यों बना है खास?
बांकीपुर सीट को बिहार की महत्वपूर्ण शहरी विधानसभा सीटों में माना जाता है। इस उपचुनाव को लेकर लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दल सक्रिय हैं।
प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने के बाद इस सीट की चर्चा और बढ़ गई है। वहीं विभिन्न दलों के नेताओं के बयान चुनावी माहौल को और गर्म बना रहे हैं।
आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के प्रचार अभियान और चुनावी रणनीति इस मुकाबले को और रोचक बना सकते हैं।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
बिहार की राजनीति में चुनाव के दौरान नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी नई बात नहीं है। इस बार भी बांकीपुर उपचुनाव को लेकर अलग-अलग दलों के नेता अपनी-अपनी राजनीतिक राय सार्वजनिक कर रहे हैं।
जहां एक ओर पप्पू यादव ने विपक्षी एकजुटता की जरूरत पर जोर दिया, वहीं उन्होंने प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए।
इन बयानों के बीच अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में होगा, जो मतदान के दिन अपने प्रतिनिधि का चयन करेंगे।
आगे किस पर रहेगी नजर?
बांकीपुर उपचुनाव में अब सबसे ज्यादा नजर भाजपा के उम्मीदवार की घोषणा, विपक्षी दलों की रणनीति और चुनाव प्रचार पर रहेगी।
प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी, विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं और स्थानीय चुनावी मुद्दे आने वाले दिनों में इस चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल चुनावी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है और सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
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