तेज प्रताप यादव पर कोर्ट में केस, धमकी और जबरन घुसने के आरोप से फिर गरमाई सियासत


 

पटना: तेज प्रताप यादव केस एक बार फिर बिहार की राजनीति और सार्वजनिक चर्चा का केंद्र बन गया है। तेज प्रताप यादव केस में नए आरोपों के साथ पटना कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के खिलाफ आकाश यादव ने नालिसी मुकदमा दायर किया है। शिकायत में जबरन घर में घुसने, धमकी देने और परिवार को डराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

आकाश यादव का कहना है कि पुलिस को शिकायत देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर उस पुराने विवाद को चर्चा में ला दिया है, जो कुछ समय पहले तक शांत पड़ चुका था।

क्या हैं आकाश यादव के आरोप?

कोर्ट में दाखिल शिकायत के अनुसार, 6 जून की रात जब आकाश यादव राजस्थान में थे, तब तेज प्रताप यादव अपने सहयोगी मोतीलाल यादव के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने गेट नहीं खोला, लेकिन इसके बावजूद वे अंदर प्रवेश करने में सफल रहे।

शिकायत में कहा गया है कि तेज प्रताप यादव उज्जैनी से मिलने की कोशिश कर रहे थे। आकाश यादव का दावा है कि उनके परिवार ने इस घटना के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस किया।

आकाश ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और परिवार दबाव तथा भय के कारण विरोध नहीं कर पाया।

फोन पर धमकी देने का भी आरोप

मुकदमे में यह आरोप भी शामिल किया गया है कि घटना की जानकारी मिलने पर आकाश यादव ने मोतीलाल यादव से फोन पर बात की। इसके बाद कथित रूप से तेज प्रताप यादव से उनकी बातचीत कराई गई।

आकाश यादव का दावा है कि बातचीत के दौरान उन्हें धमकी दी गई और उज्जैनी से मिलने में बाधा डालने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायत के अनुसार बाद में एक अन्य फोन कॉल भी आया, जिसमें कथित तौर पर खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा व्यक्ति बताकर धमकी दी गई।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

पुलिस में शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे आकाश

आकाश यादव के अनुसार उन्होंने 10 जून को पाटलिपुत्र थाना में लिखित शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

इसी वजह से उन्होंने पटना कोर्ट में नालिसी मुकदमा दायर किया। कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों के साथ पुलिस को दी गई शिकायत की प्रति और कथित सबूतों का भी उल्लेख किया गया है।

अब अदालत इस मामले में आगे क्या निर्देश देती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

पुराने विवाद की फिर हुई चर्चा

यह मामला केवल कानूनी विवाद तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव से जुड़ा पुराना विवाद भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव के कथित रिश्ते को लेकर दावा किया गया था। बाद में वह पोस्ट हटा दी गई थी।

उस समय तेज प्रताप यादव ने कहा था कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक किया गया था और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया था।

परिवार और राजनीति पर भी पड़ सकता है असर

इस विवाद के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। पहले हुए विवाद के दौरान तेज प्रताप यादव और परिवार के रिश्तों को लेकर कई तरह की खबरें सामने आई थीं।

हाल के दिनों में परिवार के भीतर रिश्तों में सुधार की चर्चा हो रही थी। तेज प्रताप यादव हाल ही में अपने भतीजे इराज के जन्मदिन समारोह में भी शामिल हुए थे, जिससे पारिवारिक समीकरण बेहतर होने के संकेत माने जा रहे थे।

लेकिन अब कोर्ट में दाखिल नए मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और पारिवारिक दोनों स्तरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की सच्चाई और कानूनी स्थिति अब अदालत तथा जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Next Post Previous Post
हमसे जुड़ें
1