शराबबंदी पर सुनील सिंह का बड़ा हमला, बोले- बिहार में शराब भगवान जैसी, दिखती नहीं लेकिन बिकती हर जगह

बिहार की शराबबंदी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार शराबबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य में शराब की स्थिति ऐसी हो गई है जैसे "भगवान" दिखाई तो नहीं देते, लेकिन हर जगह मौजूद हैं। बिहार शराबबंदी पर दिए गए इस बयान के साथ उन्होंने बिजली, पानी, सड़क और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि आम जनता बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान है और प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा। मढ़ौरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सुनील सिंह ने कहा कि यदि हालात नहीं बदले तो जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इन मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाया जाएगा।
शराबबंदी कानून पर क्या बोले सुनील सिंह?
राजद एमएलसी ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून कागजों पर जरूर दिखाई देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध शराब का कारोबार जारी है। उनके अनुसार, राज्य में शराब आसानी से उपलब्ध होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। सुनील सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में शराब "भगवान जैसी" हो गई है, जो दिखाई नहीं देती लेकिन हर जगह बिकती है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस और प्रशासन का बड़ा हिस्सा शराबबंदी से जुड़े मामलों में व्यस्त रहता है, जिससे अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा पाता।
जनता की समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना
सुनील सिंह ने कहा कि बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति कई क्षेत्रों में संतोषजनक नहीं है। उनका आरोप था कि आम लोगों की समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील भी की।
मढ़ौरा के कार्यक्रम में रखी अपनी बात
यह बयान सारण जिले के मढ़ौरा स्थित शिवगंज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम सहकारिता नेता स्वर्गीय वकील प्रसाद यादव की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सहकारिता, पैक्स और पंचायत से जुड़े कई जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में सुनील सिंह ने राज्य की मौजूदा स्थिति और विभिन्न जनसरोकार के मुद्दों पर विस्तार से अपनी राय रखी।
जन-आंदोलन की दी चेतावनी
राजद एमएलसी ने कहा कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना था कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा और सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी। इस दौरान बिजली, पानी, सड़क और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
सुनील सिंह के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान स्थानीय जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने और सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। बिहार में शराबबंदी, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर राजनीतिक दल लगातार अपनी-अपनी राय रखते रहे हैं। ऐसे में सुनील सिंह का यह बयान राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है। अब यह देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और जनता से जुड़े मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।