सीवान में भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में कैंडल मार्च, न्यायिक जांच की उठी जोरदार मांग

भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति और सामाजिक संगठनों में बहस तेज होती जा रही है। भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में शनिवार को सीवान में भाकपा-माले और आइसा के कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर न्यायिक जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने घटना को कथित फर्जी एनकाउंटर बताते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की अपील की। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।
नगर परिषद गोदाम से जेपी चौक तक निकला कैंडल मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत नगर परिषद गोदाम से हुई। वहां से कार्यकर्ता हॉस्पिटल मोड़ होते हुए जेपी चौक पहुंचे। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च निकाला और न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए। जेपी चौक पहुंचने के बाद यह मार्च सभा में बदल गया। सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी विवादित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नेताओं ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
सभा को संबोधित करते हुए मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि बिहार में हाल के समय में हुई कई पुलिस मुठभेड़ों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना था कि भरत तिवारी की मौत के मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
आइसा ने न्यायिक जांच पर दिया जोर
आइसा के जिला सचिव अनीश कुमार ने कहा कि घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे में सभी तथ्यों को सामने लाने के लिए न्यायिक जांच सबसे उपयुक्त माध्यम हो सकती है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से न केवल वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी बल्कि लोगों के बीच फैली शंकाओं का भी समाधान हो सकेगा।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की उठी बात
सभा में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है। उनका कहना था कि किसी भी पुलिस कार्रवाई पर यदि सवाल उठते हैं तो उसकी स्वतंत्र जांच कराना प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी होती है। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने तथा पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उनका कहना था कि पारदर्शी जांच से ही लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे शामिल
कैंडल मार्च और सभा में वार्ड पार्षद दीपक साह, प्रिंस पासवान, नीरज कुशवाहा, प्रदीप बासफोर, कल्लू बासफोर, सुधीर कुमार, प्रिंस पांडे, नीतेश कुमार, गोलू कुमार, शिवम कुमार, आयुष कुमार और धीरज कुमार समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। आयोजकों ने कहा कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी उठाते रहेंगे।
आगे क्या?
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर उठे सवालों के बीच अब निगाहें सरकार और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि मामले में किसी प्रकार की जांच का आदेश दिया जाता है तो उससे घटना से जुड़े तथ्यों की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल विभिन्न संगठनों की ओर से न्यायिक जांच की मांग लगातार दोहराई जा रही है।