दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का बड़ा प्रदर्शन आज, थाली-चम्मच बजाकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन शनिवार को एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। CJP का प्रदर्शन दोपहर 1 बजे से शुरू होगा, जहां संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में समर्थक थाली और चम्मच के साथ जुटेंगे। प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद करना बताया गया है। आयोजकों ने पहले ही समर्थकों से अपील की थी कि वे अपने साथ प्लेट और चम्मच लेकर आएं ताकि विरोध दर्ज कराया जा सके। यह प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है जब बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं के इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने भी कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
CJP ने क्यों किया थाली-चम्मच के साथ प्रदर्शन का आह्वान?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले समर्थकों से कहा कि वे शनिवार को जंतर-मंतर पहुंचते समय अपने साथ एक थाली और एक चम्मच जरूर लेकर आएं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान समर्थक थालियां बजाकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को प्रतीकात्मक रूप से उठाएंगे। यह तरीका कोविड-19 महामारी के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स के समर्थन में देशभर में थाली बजाने की अपील की याद दिलाता है, हालांकि इस बार इसका उद्देश्य अलग है।
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की उम्मीद
आयोजकों के अनुसार, दिल्ली के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी छात्र और समर्थक प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। CJP का दावा है कि इससे पहले जंतर-मंतर पर आयोजित उसके पहले बड़े प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोगों ने भाग लिया था। इस बार भी बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पहले से ही अलर्ट मोड में हैं। हालांकि वास्तविक संख्या प्रदर्शन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की विशेष तैयारी
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा मौके पर तैनात पुलिसकर्मी लगभग 270 बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल करेंगे, ताकि पूरे घटनाक्रम का रिकॉर्ड रखा जा सके और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
प्रशासन ने दी प्रदर्शन की अनुमति
अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित शर्तों के साथ इस विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई है। पुलिस ने आयोजकों के साथ समन्वय बनाते हुए सुरक्षा और यातायात संबंधी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान यदि भीड़ अधिक होती है तो स्थिति के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
क्या है इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य?
CJP का कहना है कि उसका यह प्रदर्शन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। संगठन का मानना है कि प्रतीकात्मक तरीके से विरोध दर्ज कराकर वह अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहता है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान क्या मांगपत्र सौंपा जाएगा या आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर आयोजकों की ओर से विस्तृत जानकारी प्रदर्शन शुरू होने के बाद सामने आ सकती है। यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों की भी नजर बनी हुई है।