सम्राट चौधरी ने लालू परिवार को घेरा, कहा- अब इतिहास का पूरा हिसाब होगा

 


बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। सम्राट चौधरी ने सोमवार को आयोजित अति पिछड़ा महासम्मेलन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू यादव और उनके परिवार पर तीखा हमला बोला। सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू परिवार को पहले से पर्याप्त सुरक्षा और सरकारी सुविधाएं मिल रही हैं, इसके बावजूद वे सुरक्षा में कटौती और अतिरिक्त बंगलों की मांग को मुद्दा बना रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित भाजपा के अति पिछड़ा समाज सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कई मोर्चों पर हमला बोला। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों और अति पिछड़ा समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लालू परिवार पर निशाना

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए आज भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं।

उन्होंने दावा किया कि करीब 150 पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पूरे राज्य की पुलिस किसी एक परिवार की सुरक्षा में लगा दी जाए, तो आम लोगों और अति पिछड़े समाज की सुरक्षा कौन करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि लालू परिवार को पहले से बुलेटप्रूफ वाहन और आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में अतिरिक्त मांगों को लेकर हो रही राजनीति उचित नहीं है।

सरकारी बंगलों को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री?

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सरकारी आवासों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि लालू परिवार के पास पहले से कई निजी संपत्तियां और मकान हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकारी बंगलों को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।

सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि परिवार के अलग-अलग सदस्यों को अलग-अलग सरकारी आवास चाहिए। उन्होंने कहा कि पटना, गोपालगंज और दिल्ली सहित कई जगहों पर परिवार की संपत्तियां मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि "इतने मकानों की गिनती करना भी मुश्किल हो गया है, फिर भी और बंगले चाहिए।"

अति पिछड़ा समाज को लेकर सरकार का संदेश

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अति पिछड़ा समाज के जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेतृत्व का सम्मान करना था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अति पिछड़े वर्गों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस वर्ग की सुरक्षा और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी।

सम्राट चौधरी ने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री पद पर हैं, तब तक अति पिछड़े समाज के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

अपराध और कानून-व्यवस्था पर भी बोले सीएम

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि बिहार को अपराध मुक्त बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है और अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

सीएम ने हाल के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

विपक्ष पर लगाया देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप

भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राजद पर भी निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद इन दलों ने पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के विकास के लिए अपेक्षित कार्य नहीं किए। उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने समाज सुधारकों और पिछड़े वर्ग के नेताओं के नाम पर राजनीति की, लेकिन वास्तविक सम्मान बाद में मिला।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।

सम्मेलन में जुटे भाजपा के बड़े नेता

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, केंद्रीय मंत्री राजभूषण निषाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। समारोह में अति पिछड़ा समाज से जुड़े जनप्रतिनिधियों और विधायकों का सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से जुड़े मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी की पहल पर किया गया था।

विशेष पोडियम भी बना चर्चा का विषय

सम्मेलन के दौरान एक और बात लोगों का ध्यान खींचती रही। मुख्यमंत्री के संबोधन के लिए विशेष पोडियम तैयार कराया गया था।

जानकारी के अनुसार, सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम की निगरानी में इस पोडियम को तैयार किया गया। इसे लेकर भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा होती रही।

बिहार की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी

सम्राट चौधरी के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना है।

लालू यादव और राजद की ओर से इस पर क्या जवाब आता है, इस पर सबकी नजर रहेगी। वहीं आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।

फिलहाल मुख्यमंत्री का यह बयान बिहार की राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

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