प्रिंस यादव को नम आंखों से विदाई, भाई रौशन आनंद बोले- हम टूटे नहीं, न्याय लेकर रहेंगे

Prince Yadav Funeral के दौरान लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। Prince Yadav Funeral में शामिल हुए हजारों लोगों ने नम आंखों से प्रिंस यादव को अंतिम विदाई दी। इस दौरान उनके भाई रौशन आनंद भावुक हो गए और श्रद्धांजलि देते हुए फूट-फूटकर रो पड़े। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और हौसला दिया। अंतिम संस्कार के दौरान रौशन आनंद ने न्याय की मांग भी दोहराई और कहा कि उनका परिवार हार नहीं मानेगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समर्थक और शुभचिंतक शामिल हुए। पूरे माहौल में शोक और संवेदना का वातावरण बना रहा।
रौशन आनंद ने भाई को याद कर कही भावुक बात
अंतिम संस्कार के बाद लोगों को संबोधित करते हुए रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की धार्मिक आस्था का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रिंस हर मंगलवार व्रत रखते थे और नियमित रूप से पटना के महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करने जाते थे। रौशन ने कहा कि अब उनका भाई इस दुनिया में नहीं है, इसलिए परिवार उसकी याद में हर मंगलवार व्रत रखेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पैतृक गांव में एक मंदिर का निर्माण कराया जाएगा ताकि प्रिंस यादव की आत्मा को शांति मिल सके। उनके इस बयान के बाद मौजूद लोगों ने भी भावुक होकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
न्याय की मांग करते हुए बोले- सिस्टम से हार चुके हैं
रौशन आनंद ने इस मौके पर बिहार सरकार और न्यायपालिका से न्याय की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार को इंसाफ की उम्मीद है और वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा, “हम न्याय मांगते हैं। हमारी आत्मा कह रही है कि हम सिस्टम से हार चुके हैं, लेकिन फिर भी हमें न्याय चाहिए।” रौशन आनंद ने यह भी कहा कि कुछ लोग यह समझ रहे हैं कि उनका परिवार टूट चुका है, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि साजिश करने वाले लोग यह जान लें कि वे पहले से ज्यादा मजबूती के साथ आगे बढ़ेंगे। उनका यह बयान वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा और समर्थकों ने भी उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
महिलाओं के बीच साड़ियां बांटी, ब्लड डोनेशन का ऐलान
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान रौशन आनंद ने सामाजिक पहल की भी घोषणा की। उन्होंने महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण कराया और कहा कि यह उनके भाई की स्मृति में किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने रक्तदान अभियान चलाने का भी ऐलान किया। रौशन आनंद का कहना था कि समाज की सेवा ही उनके भाई को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल का स्वागत किया। कई लोगों ने रक्तदान अभियान में सहयोग देने की भी इच्छा जताई।
कोर्ट से रौशन आनंद के दो साथियों को मिली राहत
इधर, मामले से जुड़ी एक अन्य बड़ी खबर भी सामने आई। कोर्ट ने रौशन आनंद पक्ष के अभिषेक और गौरव को राहत देते हुए उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। रौशन आनंद के वकील के अनुसार, दोनों को बिना किसी विशेष शर्त के बेल दी गई है। अब जेल से रिहाई और बेल बॉन्ड की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद दोनों बाहर आ सकेंगे। कानूनी राहत मिलने के बाद रौशन आनंद समर्थकों के बीच भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। हालांकि पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी।
क्या है इस पूरे घटनाक्रम का महत्व?
प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ ने यह संकेत दिया कि लोगों के बीच इस मामले को लेकर गहरी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। वहीं रौशन आनंद की ओर से न्याय की मांग, मंदिर निर्माण का ऐलान और सामाजिक कार्यों की घोषणा ने इस घटना को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में जांच और कानूनी प्रक्रिया की दिशा पर सभी की नजर बनी रहेगी। परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि समर्थक भी मामले की निष्पक्ष सुनवाई की अपेक्षा जता रहे हैं।