Nitish Kumar JDU National President: चौथी बार जदयू की कमान संभालेंगे नीतीश, संगठन में मिला बड़ा अधिकार


 

Nitish Kumar JDU National President के रूप में एक बार फिर पार्टी की कमान संभालेंगे। पटना स्थित जदयू प्रदेश मुख्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित राष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में Nitish Kumar JDU National President के तौर पर उनके नेतृत्व पर मुहर लगाई गई। इसके साथ ही पार्टी ने उन्हें संगठनात्मक जरूरतों के अनुसार संविधान में संशोधन करने का भी अधिकार दिया है।

बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। पार्टी नेताओं ने उन्हें चौथी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई दी, जबकि उनके पुत्र निशांत कुमार ने भी उनका आशीर्वाद लिया।

जदयू ने नीतीश कुमार को दिए अतिरिक्त अधिकार

राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सिर्फ अध्यक्ष पद की पुष्टि ही नहीं हुई, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी बड़ा फैसला लिया गया। पार्टी ने आवश्यकता पड़ने पर संविधान में उचित संशोधन करने के लिए नीतीश कुमार को अधिकृत कर दिया।

राजनीतिक जानकार इसे संगठन को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। इससे पार्टी नेतृत्व के हाथ और मजबूत हुए हैं।

एनडीए सरकार के कामकाज की सराहना

बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने बिहार की एनडीए सरकार के कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रही विकास योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंच रहा है।

बैठक के बाद जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि सात निश्चय पार्ट-3 के तहत शुरू की गई योजनाओं को सरकार तेजी से जमीन पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इन कार्यों से संतुष्ट हैं और सरकार को इसके लिए बधाई भी दी है।

राजीव रंजन सिंह ने यह भी कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का सहयोग लगातार मिल रहा है, जिससे कई परियोजनाओं को गति मिली है।

राष्ट्रीय परिषद में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित

राष्ट्रीय परिषद की बैठक में चार प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया।

प्रवक्ता के अनुसार, नेताओं ने बिहार में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को देश की राजनीति में एक अनूठी घटना बताया। बैठक में यह भी कहा गया कि लगभग दो दशकों तक नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चलने के बावजूद राज्य में एंटी-इन्कंबेंसी का प्रभाव नहीं दिखा।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव में कमी आने पर संतोष व्यक्त किया।

बैठक में जदयू की सदस्य संख्या एक करोड़ से अधिक होने पर भी प्रसन्नता जताई गई। नेताओं ने इसे संगठन के विस्तार और जनाधार का संकेत बताया।

चौथी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नीतीश कुमार

नीतीश Kumar इससे पहले भी तीन बार जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी के भीतर उन्हें सर्वमान्य नेता माना जाता है और कई वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि जदयू का नेतृत्व उनके इर्द-गिर्द ही केंद्रित है।

साल 2016 में उन्होंने वरिष्ठ नेता शरद यादव से राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। इसके बाद 2019 में उन्हें दूसरी बार यह जिम्मेदारी मिली।

दिसंबर 2023 में ललन सिंह के इस्तीफे के बाद वे तीसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। वहीं 24 मार्च 2026 को उन्हें निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था, जिस पर अब राष्ट्रीय परिषद की बैठक में औपचारिक मुहर लगा दी गई है।

आने वाले समय में क्या होंगे राजनीतिक संकेत?

राजनीतिक दृष्टि से यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नीतीश कुमार की भूमिका मजबूत होती दिखाई दे रही है।

पार्टी द्वारा संविधान संशोधन संबंधी अधिकार दिए जाने को भी संगठनात्मक लचीलेपन और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे जदयू आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी समीकरणों के अनुसार फैसले लेने में अधिक सक्षम हो सकती है।

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