Muzaffarpur Crime: महिला और बच्चे का सहारा लेकर ऑटो लूटता था गैंग, 24 घंटे में खुलासा
Muzaffarpur Crime News : बिहार में बढ़ते अपराध के बीच Muzaffarpur Crime News से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Muzaffarpur Crime News के इस मामले में पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो महिला और छोटे बच्चे का इस्तेमाल कर ऑटो चालकों को अपना शिकार बनाता था। गिरोह पहले परिवार जैसा माहौल बनाकर वाहन रिजर्व करता था और फिर सुनसान इलाके में चालक के साथ लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था। जैतपुर थाना क्षेत्र में हुई एक घटना के बाद पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे करता था गिरोह वारदात?
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह ऑटो या अन्य किराये के वाहनों को लंबी दूरी के लिए बुक करता था। वाहन में एक महिला और छोटा बच्चा भी मौजूद रहते थे, जिससे चालक को किसी तरह का संदेह नहीं होता था।
यात्रा के दौरान गिरोह चालक को सुनसान इलाके में ले जाता और फिर मारपीट कर वाहन, मोबाइल फोन तथा अन्य सामान लूटकर फरार हो जाता था। पुलिस के अनुसार यह तरीका बेहद सुनियोजित था और चालक को भरोसे में लेने के लिए अपनाया जाता था।
ऑटो चालक को बनाया गया शिकार
जानकारी के अनुसार, बोचहां इलाके के रहने वाले ऑटो चालक मो. साबिर को कुछ लोगों ने मुजफ्फरपुर से साहेबगंज जाने के लिए वाहन रिजर्व किया था।
ऑटो में दो पुरुष, एक महिला और एक छोटा बच्चा सवार थे। चालक उन्हें लेकर निर्धारित मार्ग पर जा रहा था। देर रात जब वाहन जैतपुर थाना क्षेत्र के कोलवारा गांव के पास पहुंचा, तब आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया।
आरोपियों ने चालक के साथ मारपीट की और उसे घायल कर दिया। इसके बाद ऑटो, मोबाइल फोन और आधार कार्ड लूटकर मौके से फरार हो गए।
24 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला
घटना के बाद पीड़ित चालक की शिकायत पर जैतपुर थाना में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया।
सरैया एसडीपीओ के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की। लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने अहियापुर थाना क्षेत्र से बरुराज निवासी दीपक कुमार और अहियापुर निवासी शालू देवी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
लूटा गया ऑटो और दस्तावेज बरामद
गिरफ्तार आरोपी दीपक कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई सीएनजी ऑटो बरामद कर ली। इसके साथ ही चालक का आधार कार्ड भी बरामद किया गया है।
पुलिस का कहना है कि बरामदगी से मामले की जांच को और मजबूती मिली है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली और अन्य संभावित घटनाओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात में एक और आरोपी शामिल था। उसकी पहचान कर ली गई है, लेकिन अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस की टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दीपक Kumar का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले कथैया थाना में चोरी और बरुराज थाना में गृहभेदन से जुड़े मामले दर्ज हैं।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी पहले ऐसी कितनी घटनाओं में शामिल रहा है और क्या इस गिरोह का नेटवर्क अन्य जिलों तक फैला हुआ है।
किराये पर वाहन चलाने वालों के लिए चेतावनी
यह मामला उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो ऑटो, टैक्सी या अन्य किराये के वाहन चलाते हैं। पुलिस का कहना है कि देर रात लंबी दूरी के लिए वाहन बुक करने वाले संदिग्ध यात्रियों के बारे में सतर्क रहना जरूरी है।
विशेषकर जब सुनसान इलाकों में यात्रा करनी हो, तब वाहन चालकों को अपने परिचितों और स्थानीय पुलिस को यात्रा संबंधी जानकारी देने की सलाह दी गई है।
इस घटना का त्वरित खुलासा पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। साथ ही यह मामला अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों की ओर भी संकेत करता है, जिससे वाहन चालकों को सावधान रहने की जरूरत है।
