खान सर पर हत्या की साजिश का आरोप, FIR के लिए 5 घंटे थाने में डटे रहे रौशन आनंद

 


खान सर पर हत्या की साजिश का आरोप लगाकर पटना के चर्चित कोचिंग संचालक रौशन आनंद ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। खान सर पर हत्या की साजिश का आरोप लगाते हुए रौशन आनंद बुधवार को कदमकुआं थाना पहुंचे और अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। हालांकि देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्होंने थाने परिसर में धरना देने का ऐलान कर दिया, जिससे इलाके में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

कदमकुआं थाना के बाहर रौशन आनंद के समर्थकों की भीड़ जुटी रही। समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। करीब पांच घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस अधिकारियों के समझाने पर रौशन आनंद रात लगभग 10 बजे वहां से लौट गए।

क्या हैं रौशन आनंद के आरोप?

मीडिया से बातचीत में रौशन आनंद ने दावा किया कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोचिंग संचालक फैजल खान उर्फ खान सर ने आपराधिक साजिश रचकर उनके भाई की हत्या करवाई है।

रौशन आनंद ने कहा कि जब वह एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस दबाव में पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।

हालांकि यह ध्यान देने योग्य है कि फिलहाल ये आरोप रौशन आनंद की ओर से लगाए गए हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि किसी जांच एजेंसी या पुलिस द्वारा नहीं की गई है।

आवेदन में किन लोगों के नाम शामिल?

कदमकुआं थाना में दिए गए आवेदन में रौशन आनंद ने खान सर के अलावा खान ग्लोबल स्टडीज के मैनेजर कन्हैया कुमार और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक रामाशंकर प्रसाद का भी नाम लिया है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने मिलकर उनके भाई के खिलाफ साजिश रची। रौशन आनंद ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है।

पुलिस की ओर से अभी तक इस आवेदन पर औपचारिक एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं की गई है।

2 जून की घटना से जुड़ा है पूरा विवाद

दरअसल, खान सर और रौशन आनंद के बीच विवाद नया नहीं है। बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के रिजल्ट को लेकर दोनों कोचिंग संस्थानों के बीच पहले से तनाव चल रहा था।

2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में तोड़फोड़ और हंगामे की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

रौशन आनंद का कहना है कि उस घटना के समय न तो वह स्वयं मौजूद थे और न ही उनके भाई प्रिंस यादव वहां थे। इसके बावजूद दोनों को मामले में आरोपी बनाया गया।

प्रिंस यादव की मौत कैसे हुई?

रौशन आनंद के अनुसार गिरफ्तारी के डर से उनके भाई प्रिंस यादव नेपाल चले गए थे। इसी दौरान 13 जून को नेपाल के एक होटल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

रौशन आनंद ने दावा किया कि उसी दिन जेल के अंदर उन पर भी हमला करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने इन दोनों घटनाओं को जोड़ते हुए साजिश की आशंका जताई है।

हालांकि अब तक किसी जांच एजेंसी ने हत्या या आपराधिक षड्यंत्र की पुष्टि नहीं की है।

नेपाल पुलिस क्या जांच कर रही है?

प्रिंस यादव की मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में हुई थी। इस मामले की जांच नेपाल के मोरंग जिले की पुलिस कर रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की जानकारी सामने आई है, लेकिन स्थानीय पुलिस ने अभी तक मौत का कारण सार्वजनिक नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की राय ली जा रही है और विसरा जांच भी कराई जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों और परिस्थितियों पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

दोस्तों से भी हुई पूछताछ

जानकारी के अनुसार प्रिंस यादव के साथ सहरसा के चार दोस्त भी होटल में मौजूद थे। नेपाल पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

फिलहाल उनसे मिली जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को फिलहाल खारिज नहीं किया गया है।

मामले में अभी क्या स्थिति है?

इस पूरे मामले में दो बातें महत्वपूर्ण हैं। पहली, रौशन आनंद ने खान सर और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी, प्रिंस यादव की मौत के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

ऐसे में जांच पूरी होने तक हत्या, साजिश या किसी अन्य कारण को लेकर अंतिम दावा करना जल्दबाजी होगी। पुलिस और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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