बिहार के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज आंधी के साथ बदलेगा मौसम
बिहार मौसम आज एक बार फिर चर्चा में है। बिहार मौसम आज को लेकर मौसम विभाग ने राज्य के 14 जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट लागू किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
राजधानी पटना समेत कई जिलों में शुक्रवार को मौसम अचानक बदल सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग ने मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय और समस्तीपुर जिले में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा भागलपुर, गया, जहानाबाद, जमुई, खगड़िया, नालंदा, नवादा, पटना और शेखपुरा जिलों में भी तेज आंधी और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।
इन सभी जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती है हवा
मौसम विभाग के अनुसार चेतावनी वाले क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवा के कारण कमजोर ढांचे, होर्डिंग्स और पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की जरूरत है।
बिहार में दिख रहा दो तरह का मौसम
राज्य में इन दिनों मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। एक तरफ कई जिलों में लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में बारिश और ठंडी हवाओं से राहत मिल रही है।
गुरुवार को बिहार का न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री से 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
तापमान में इस बड़े अंतर ने यह संकेत दिया है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति काफी भिन्न बनी हुई है।
इन जिलों में अपेक्षाकृत कम रहा तापमान
गुरुवार को किशनगंज के अर्राबारी में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पूर्णिया में 33.8 डिग्री, मधुबनी के सुखेत में 34.2 डिग्री और मधेपुरा में 34.8 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
सहरसा का अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इन जिलों में हालिया बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण तापमान अपेक्षाकृत नियंत्रित रहा।
किशनगंज में 57 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा दर्ज की गई, जिसने मौसम के प्रभाव को और अधिक महसूस कराया।
मानसून की रफ्तार क्यों हुई धीमी?
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 12 जून को कई जिलों में प्रवेश कर लिया था। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेगूसराय, लखीसराय, बांका, मुंगेर, खगड़िया और भागलपुर सहित कई जिलों में मानसून सक्रिय हुआ था।
इसके अलावा पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और जमुई के कुछ हिस्सों में भी मानसून पहुंच चुका था।
हालांकि इसके बाद मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई। पिछले छह दिनों से मानसून की उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर और जमुई के आसपास स्थिर बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद मानसून फिर से आगे बढ़ सकता है।
लोगों के लिए क्या है सलाह?
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। गरज-चमक के समय खुले मैदान, खेत और ऊंचे स्थानों से दूर रहना चाहिए।
वाहन चालकों को भी तेज बारिश और कम दृश्यता के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी होगा।
