बिहार IAS ट्रांसफर लिस्ट ने राज्य की नौकरशाही में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। बिहार IAS ट्रांसफर लिस्ट के तहत पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, बांका और कई अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को बदला गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार रात 21 आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की। इससे पहले 27 आईपीएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए थे।
राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पटना समेत कई जिलों में बदले गए डीएम
इस फेरबदल का सबसे बड़ा असर जिला प्रशासन पर देखने को मिला है। राजधानी पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन का तबादला कर उन्हें बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
उनकी जगह नालंदा के डीएम कुंदन कुमार को पटना का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। कुंदन कुमार को प्रशासनिक अनुभव और जिले स्तर पर प्रभावी कार्यशैली के लिए जाना जाता है।
वहीं मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन को बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
भागलपुर और बांका में आईएएस दंपत्ति को जिम्मेदारी
प्रशासनिक फेरबदल का सबसे चर्चित पहलू भागलपुर और बांका जिलों की नई नियुक्तियां रही हैं।
जहानाबाद की डीएम अलंकृता पांडेय को भागलपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं 2016 बैच के आईएएस अधिकारी अंशुल अग्रवाल को बांका जिले का डीएम नियुक्त किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों पति-पत्नी हैं और अब पड़ोसी जिलों की कमान संभालेंगे। प्रशासनिक हलकों में इसे एक अनोखा संयोग माना जा रहा है।
मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और मोतिहारी में कौन बने नए डीएम?
राज्य स्वास्थ्य समिति में अपर कार्यपालक निदेशक के पद पर तैनात 2017 बैच के आईएएस कुमार गौरव को मुजफ्फरपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
कंफेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ को गोपालगंज जिले का डीएम नियुक्त किया गया है। वहीं कृषि निदेशक के पद पर कार्यरत 2019 बैच के आईएएस सौरभ सुमन यादव को पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
इन नियुक्तियों को प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
नालंदा, रोहतास और जहानाबाद को भी मिले नए अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव छिरिड वाई भूटिया को जहानाबाद का नया डीएम नियुक्त किया गया है।
रोहतास की जिलाधिकारी उदिता सिंह को नालंदा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत दीपक कुमार मिश्रा को रोहतास का नया डीएम बनाया गया है।
इन बदलावों से कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व पूरी तरह बदल गया है।
विभागीय स्तर पर भी हुए बड़े बदलाव
केवल जिलों में ही नहीं, विभागीय स्तर पर भी कई अहम नियुक्तियां की गई हैं।
1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर को पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है।
1997 बैच के आईएएस रॉबर्ट एल चोग्थू को संसदीय कार्य विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं 2007 बैच के आईएएस मोहम्मद सोहैल को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया है।
उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव और जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
खगड़िया, किशनगंज और अन्य जिलों में नई तैनाती
खगड़िया के डीएम नवीन कुमार को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। उन्हें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद में कार्यरत आईएएस नवीन कुमार को किशनगंज का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
वहीं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर को खगड़िया जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों को भी नई भूमिकाएं दी गई हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रशासनिक फेरबदल?
बिहार में बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों को आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और विकास योजनाओं के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिलों में नए नेतृत्व के आने से योजनाओं के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था, राजस्व प्रशासन और विकास कार्यों की गति पर असर पड़ सकता है। सरकार समय-समय पर ऐसे बदलावों के जरिए प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का प्रयास करती है।
अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नए अधिकारी अपने-अपने जिलों और विभागों में किस तरह की प्राथमिकताएं तय करते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था को कितना प्रभावी बनाते हैं।
