बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: 3 जिलों में बनेंगे औद्योगिक क्षेत्र, युवाओं और खिलाड़ियों को भी मिला बड़ा लाभ

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

बिहार कैबिनेट के फैसले एक बार फिर राज्य के विकास एजेंडे को नई दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं। बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार कैबिनेट के फैसले के तहत उद्योग, रोजगार, पर्यटन, खेल और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बिहार कैबिनेट के फैसले में सबसे बड़ी घोषणा सहरसा, पूर्णिया और कैमूर में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की रही, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

सहरसा, पूर्णिया और कैमूर में औद्योगिक विकास को मिली गति

राज्य सरकार ने सहरसा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए वनगांव और देवनागोपाल मौजा में लगभग 420.63 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इसके लिए 88.01 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस भूमि का उपयोग औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और नए निवेश आकर्षित करने के लिए किया जाएगा।

वहीं पूर्णिया में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए करीब 1.25 अरब रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इससे सीमांचल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होने की संभावना बढ़ गई है।

कैमूर जिले के चांद और चैनपुर अंचल में भी बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के निकट 781.18 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा, जिस पर लगभग 230.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षक माना जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के भवन बनेंगे पर्यटन केंद्र

मंत्रिमंडल ने जल संसाधन विभाग के 217 निरीक्षण भवनों को आधुनिक गेस्ट हाउस और ईको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी है।

बांधों, बराजों और जलाशयों के आसपास स्थित इन भवनों को पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव

कैबिनेट ने पथ निर्माण विभाग के शोध सहायक पद की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। अब इस पद के लिए 100 अंकों का इंटरव्यू समाप्त कर दिया गया है।

इसके अलावा शोध सहायक पद की चयन परीक्षा अब बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के बजाय बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से आयोजित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को सरल और निष्पक्ष बनाना है।

राज्य के विभिन्न कार्य विभागों के लिपिकों को एक ही संवर्ग में शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में एकरूपता आएगी और कर्मचारियों के सेवा प्रबंधन में सुविधा होगी।

संविदा अभियंताओं के लिए बदला बोनस अंक का नियम

सरकार ने अभियंत्रण सेवा भर्ती नियमावली में संशोधन करते हुए बोनस अंक व्यवस्था में बदलाव किया है।

अब संविदा पर कार्यरत सहायक अभियंता यदि बोनस अंक का लाभ लेकर किसी विभाग में चयनित हो जाते हैं, तो भविष्य में उन्हें दोबारा इस विशेष लाभ का अधिकार नहीं मिलेगा। हालांकि वे सामान्य अभ्यर्थी के रूप में अन्य भर्ती परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे।

इस बदलाव का उद्देश्य रिक्त पदों की समस्या कम करना और अधिक अभ्यर्थियों को अवसर उपलब्ध कराना है।

आशुलिपिक भर्ती में युवाओं को बड़ी राहत

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव पर नागरिक सुरक्षा क्षेत्रीय आशुलिपिक संवर्ग नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

अब इंटरमीडिएट पास 18 वर्ष के युवा भी आशुलिपिक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहले न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष थी। इस फैसले से बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी के अवसर जल्द मिल सकेंगे।

खिलाड़ियों को मिलेगी उच्च वेतनमान वाली नौकरी

राज्य सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी है।

नई व्यवस्था के अनुसार ओलंपिक पदक विजेता, ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी और एशियाई व राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को वेतन स्तर-09 में नियुक्ति दी जाएगी।

वहीं एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले तथा रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को वेतन स्तर-07 की नौकरी मिलेगी। इस कदम को राज्य के खिलाड़ियों के लिए बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है।

पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी और नदियों के गाद का अध्ययन

राज्य में चिन्हित पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया को तेज करने के लिए बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड को आवश्यक खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा सोन, किऊल, फल्गू, मोरहर और चानन नदियों में बालू और गाद की स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। यह कार्य सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) द्वारा किया जाएगा, जिस पर 2.32 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

क्या है इन फैसलों का व्यापक असर?

कैबिनेट के ताजा निर्णय उद्योग, रोजगार, पर्यटन और खेल जैसे क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम माने जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से निवेश और रोजगार बढ़ सकते हैं, जबकि भर्ती नियमों में बदलाव युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करेंगे। पर्यटन और खेल क्षेत्र से जुड़े फैसले भी राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति को मजबूती देने वाले माने जा रहे हैं।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1