बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी BSEB इंटर तिमाही परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस बार BSEB इंटर तिमाही परीक्षा 23 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलेगी। परीक्षा को लेकर बिहार के स्कूलों और विद्यार्थियों के बीच तैयारियां तेज हो गई हैं। पटना जिले में ही करीब 65 हजार छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होंगे। समिति ने सभी जिलों को विद्यार्थियों की संकायवार सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है ताकि परीक्षा संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो।
वहीं 9वीं और 10वीं की तिमाही परीक्षा 26 जून से 28 जून तक आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षाएं दो पालियों में ली जाएंगी।
23 जून से शुरू होगी इंटर की तिमाही परीक्षा
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 23 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलेगी।
पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक आयोजित होगी। वहीं दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी।
समिति ने सभी स्कूलों और प्लस-टू विद्यालयों को परीक्षा की तैयारी समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है। साथ ही छात्र-छात्राओं की विषयवार सूची भी मांगी गई है।
पहले दिन इन विषयों की होगी परीक्षा
23 जून को प्रथम पाली में फिजिक्स, एंटरप्रेन्योरशिप और फिलॉसफी विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
वहीं दूसरी पाली में केमिस्ट्री, अकाउंटेंसी और पॉलिटिकल साइंस की परीक्षा होगी।
बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार सभी स्कूलों को समय पर प्रश्नपत्र और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
9वीं और 10वीं की परीक्षा भी इसी महीने
बिहार बोर्ड ने 9वीं और 10वीं कक्षा की तिमाही परीक्षा का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। यह परीक्षा 26 जून से 28 जून तक आयोजित होगी।
पहले दिन पहली पाली में मातृभाषा की परीक्षा ली जाएगी। वहीं दूसरी पाली में द्वितीय भारतीय भाषा की परीक्षा आयोजित होगी।
स्कूल स्तर पर होने वाली इन परीक्षाओं को विद्यार्थियों की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इससे छात्रों को वार्षिक परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है।
क्यों महत्वपूर्ण होती है तिमाही परीक्षा?
तिमाही परीक्षा सिर्फ औपचारिक परीक्षा नहीं मानी जाती, बल्कि यह छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का पहला बड़ा मूल्यांकन होती है।
शिक्षकों का कहना है कि इस परीक्षा से छात्रों की कमजोरियों और मजबूत विषयों की पहचान होती है। इसके आधार पर आगे की पढ़ाई की रणनीति तैयार की जाती है।
इंटर के विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा खास इसलिए भी अहम है क्योंकि बोर्ड परीक्षा की तैयारी इसी स्तर से मजबूत होती है।
स्कूलों को दिए गए जरूरी निर्देश
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी जिलों और स्कूलों को परीक्षा संचालन को लेकर कई निर्देश जारी किए हैं।
विद्यालयों को कहा गया है कि वे समय पर छात्रों की नामांकन सूची अपडेट करें। साथ ही परीक्षा के दौरान अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखें।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर समय पालन को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की जा सकती है।
छात्रों के लिए क्या है जरूरी सलाह?
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र परीक्षा की तैयारी के दौरान नियमित रिवीजन करें और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें।
परीक्षा के दौरान जल्दबाजी से बचना चाहिए। प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ने के बाद ही उत्तर लिखना बेहतर होता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि छात्र मोबाइल और सोशल मीडिया पर कम समय बिताकर पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दें। इससे मानसिक दबाव भी कम रहेगा।
परीक्षा को लेकर अभिभावकों में बढ़ी हलचल
तिमाही परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद अभिभावकों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। कई परिवार अब बच्चों के लिए पढ़ाई का विशेष रूटीन तैयार कर रहे हैं।
कोचिंग संस्थानों और स्कूलों में भी अतिरिक्त कक्षाओं की तैयारी शुरू हो गई है। छात्र अब सिलेबस पूरा करने और मॉडल पेपर हल करने में जुट गए हैं।
बिहार बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल होते हैं। ऐसे में तिमाही परीक्षा को भी बोर्ड की तैयारी का अहम चरण माना जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था पर रहेगा फोकस
बिहार बोर्ड लगातार परीक्षा प्रणाली को बेहतर और व्यवस्थित बनाने की कोशिश कर रहा है। समय पर परीक्षा कार्यक्रम जारी करना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इससे छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलता है और स्कूलों को भी परीक्षा प्रबंधन में सुविधा होती है।
आने वाले दिनों में बोर्ड की ओर से परीक्षा से जुड़े अन्य दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।
