देशभर में चर्चा में रहे NEET पेपर लीक मामले के बीच अब पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में भी सख्ती बढ़ गई है। NEET पेपर लीक विवाद के बाद PMCH प्रशासन ने एमबीबीएस छात्रों की प्रथम आंतरिक परीक्षा रद्द कर दी है। कॉलेज प्रशासन ने कदाचार की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया। परीक्षा में लिखित, मौखिक और प्रायोगिक तीनों चरण शामिल थे। मामले ने मेडिकल शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पटना मेडिकल कॉलेज के औषधि विभाग के वर्ष 2022 बैच के करीब 200 छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 11 और 12 मई को आयोजित की गई थी।
कदाचार की आशंका पर परीक्षा रद्द
PMCH प्रशासन ने बताया कि परीक्षा में अनियमितता और कदाचार की आशंका सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। कॉलेज के प्राचार्य ने इसकी सूचना औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष को दी है।
साथ ही मेडिकल एजुकेशन यूनिट को भी मामले की जानकारी देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
11 मई को लिखित परीक्षा आयोजित हुई थी, जबकि 12 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा कराई गई थी। जांच के दौरान मिली सूचनाओं के बाद प्रशासन ने पूरी परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया।
नई परीक्षा तिथियां भी हुईं जारी
परीक्षा रद्द होने के साथ ही कॉलेज प्रशासन ने नई तिथियों की घोषणा भी कर दी है।
नई तारीख के अनुसार लिखित परीक्षा अब 20 मई को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक आयोजित होगी। वहीं मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा 21 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ली जाएगी।
कॉलेज प्रशासन ने इस बार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने की तैयारी की है। सभी फैकल्टी सदस्यों की ड्यूटी परीक्षा में लगाई गई है।
प्रश्नपत्र पैटर्न भी किया गया जारी
छात्रों की सुविधा के लिए PMCH प्रशासन ने लिखित परीक्षा का नया पैटर्न भी जारी किया है।
कॉलेज अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
छात्रों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा
इधर NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी ने NTA की विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है।
मनीषा पुणे के एक कॉलेज में बॉटनी की लेक्चरर हैं। उन्हें NEET UG-2026 परीक्षा में विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया था।
सीबीआई जांच में सामने आया कि बॉटनी और जूलॉजी प्रश्नपत्रों तक उनकी पहुंच थी। आरोप है कि उन्होंने कुछ अभ्यर्थियों को संभावित सवालों की जानकारी दी।
छात्रों को दी गई थी विशेष कोचिंग
जांच एजेंसियों के अनुसार अप्रैल महीने में मनीषा मंधारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिए कुछ छात्रों को इकट्ठा किया था।
इसके बाद पुणे स्थित आवास पर विशेष कोचिंग क्लास चलाई गई। आरोप है कि इन क्लासों में छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई महत्वपूर्ण सवाल बताए गए।
सीबीआई के मुताबिक इनमें से कई प्रश्न वास्तविक NEET परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते थे।
परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों पर शक
जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोग ही थे।
इससे पहले लातूर के शिक्षक पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। वह भी प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति से जुड़े थे।
सीबीआई का दावा है कि कुछ बिचौलियों ने लाखों रुपये लेकर छात्रों तक प्रश्नपत्र और संभावित सवाल पहुंचाए। इसके बदले विशेष कोचिंग और गाइडेंस दी गई।
मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
NEET पेपर लीक और PMCH परीक्षा रद्द होने की घटनाओं ने मेडिकल शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर बहस तेज कर दी है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली जरूरी है।
छात्रों और अभिभावकों के बीच भी परीक्षा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। कई लोग निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
छात्रों पर बढ़ा मानसिक दबाव
लगातार परीक्षा विवादों के कारण छात्रों पर मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से छात्रों की तैयारी और आत्मविश्वास दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे में संस्थानों को समय पर स्पष्ट जानकारी और पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
फिलहाल PMCH प्रशासन और जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
