संजय राउत का BJP पर तीखा हमला, बोले- लोकतंत्र को खत्म करने वाले बचाने की रैली कर रहे
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देश की राजनीति में लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज हो रहा है। इसी बीच शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित होने वाली भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर तंज कसा।
संजय राउत ने कहा कि जो लोग लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रहे हैं, वही अब उसे बचाने के लिए रैलियां निकाल रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीति की सबसे बड़ी विडंबना बताया। राउत के इस बयान के बाद भाजपा और INDIA गठबंधन के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
अमित शाह की रैली पर संजय राउत ने उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि भाजपा को लोकतंत्र बचाने की बात करने से पहले अपने कामकाज पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, लेकिन सत्ताधारी दल इन मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
राउत ने कहा कि भाजपा की ओर से आयोजित पदयात्रा को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वालों के सामने कई सवाल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में लोकतंत्र, संविधान, स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
गौरतलब है कि भाजपा की यह पदयात्रा 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का हिस्सा है। इसके तहत पार्टी विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने और राजनीतिक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाते हुए जनता के बीच अपनी बात रख रही है।
रामलीला मैदान की रैली को लेकर BJP के दावों पर पलटवार
संजय राउत ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल किसी राजनीतिक दल का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के मुद्दे पर आयोजित किया गया था।
उन्होंने इस रैली की तुलना वर्ष 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समर्थन में हुए बड़े आंदोलन से की। राउत के मुताबिक, उस समय भी लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक बदलाव को लेकर बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए थे।
उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान में भारी भीड़ पहुंची थी और दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस बैरिकेडिंग तथा प्रतिबंधों के कारण कई लोग कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच सके। भाजपा नेताओं द्वारा रैली को फ्लॉप बताए जाने पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं को अपने आसपास की चीजें भी दिखाई नहीं दे रही हैं।
बता दें कि 1 नवंबर को INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में यह रैली आयोजित की थी। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे।
राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप
रामलीला मैदान की रैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि देश के कई चुनावों में EVM और मतदाता सूची में बदलाव के माध्यम से कथित वोट चोरी हुई है।
राहुल गांधी ने कहा था कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
इस मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उसे राजनीतिक हताशा बताया है।
संजय राउत के ताजा बयान और अमित शाह की प्रस्तावित हैदराबाद पदयात्रा ने इस राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि लोकतंत्र, चुनाव आयोग और SIR को लेकर दोनों पक्षों की यह बयानबाजी आने वाले दिनों में क्या नया राजनीतिक मोड़ लेती है।
