मधुबनी फायरिंग कांड में बवाल, आक्रोशित भीड़ ने DM का कॉलर पकड़ा
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बिहार के मधुबनी जिले में मधुबनी फायरिंग कांड ने गंभीर रूप ले लिया है। एक ASI की कथित फायरिंग में युवक की मौत और तीन लोगों के घायल होने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। मधुबनी फायरिंग कांड के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मंगलवार को हालात उस समय और बिगड़ गए, जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे जिलाधिकारी आनंद शर्मा को गुस्साए लोगों ने घेर लिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं ने उनका कॉलर पकड़कर खींचा। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह डीएम को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के बाद बलिराजगढ़ गांव और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण आरोपी ASI की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता देने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
बलिराजगढ़ गांव में आधी रात को क्या हुआ था?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव की है। 2 नवंबर की आधी रात को एक सब इंस्पेक्टर को ग्रामीणों ने कथित तौर पर अवैध संबंध के मामले में पकड़ लिया था।
बताया जा रहा है कि ASI चंद्रमोहन सिंह गांव के एक घर में अक्सर आता-जाता था। सोमवार देर रात ग्रामीणों ने उसे वहां पकड़ लिया। खुद को लोगों से घिरा देखकर ASI ने कथित तौर पर अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली चला दी।
इस फायरिंग में अशोक नाम के युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया और बड़ी संख्या में लोग विरोध जताने के लिए सड़क पर उतर आए।
घायलों में एक महिला की हालत गंभीर बताई गई है। उसे बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) रेफर किया गया। अन्य घायलों का भी इलाज जारी है। घटना में घायल लोगों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
डीएम आनंद शर्मा को ग्रामीणों ने घेरा, कॉलर पकड़कर खींचा
युवक की मौत के बाद गांव में तनाव बढ़ता देख मंगलवार दोपहर जिलाधिकारी आनंद शर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उनका उद्देश्य परिजनों को सांत्वना देना और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाना था।
लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीण तत्काल मदद और कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि परिवार को मिलने वाली सहायता का आश्वासन दिया जा रहा था, जबकि वे तत्काल राहत चाहते थे।
इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों का गुस्सा बढ़ गया। कुछ महिलाओं ने डीएम के साथ दुर्व्यवहार किया और उनका कॉलर पकड़कर खींच लिया। अचानक बिगड़े हालात को देखते हुए सुरक्षाकर्मी सक्रिय हुए और जिलाधिकारी को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और ग्रामीणों के आक्रोश को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, डीएम ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।
फरार ASI पर 25 हजार रुपये का इनाम, हत्या का केस दर्ज होगा
घटना के बाद आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मधुबनी के एसएसपी योगेंद्र कुमार ने फरार पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
एसएसपी के मुताबिक, आरोपी ASI एक पुलिस चौकी पर तैनात था और अक्सर गांव के एक घर में जाया करता था। ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने के बाद उसने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से फायरिंग की, जिसमें एक युवक की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस उसकी तलाश के साथ घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस विभाग में तैनात एक अधिकारी को आखिर किन परिस्थितियों में ग्रामीणों ने पकड़ा और उसके बाद फायरिंग की नौबत कैसे आई? जांच में इन सवालों के जवाब सामने आना जरूरी है।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
बलिराजगढ़ गांव में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भय और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। एक युवक की मौत और तीन लोगों के घायल होने के बाद ग्रामीण आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, फरार ASI को जल्द गिरफ्तार कर मामले की निष्पक्ष जांच करना। दूसरी, गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना और पीड़ित परिवार को जरूरी सहायता उपलब्ध कराना।
ग्रामीणों का भरोसा बहाल करने के लिए पुलिस और प्रशासन को पारदर्शी कार्रवाई करनी होगी। अब सभी की नजर आरोपी की गिरफ्तारी, जांच की प्रगति और पीड़ित परिवार को मिलने वाली सरकारी सहायता पर टिकी है।
