इंदिरा गांधी ने अंग्रेजों से भी ज्यादा लोगों को जेल में डाला! राहुल गांधी पर बरसे जेपी नड्डा
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उत्तर प्रदेश के बरेली में बीजेपी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस तथा राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए विपक्ष के लोकतंत्र बचाने के दावों पर सवाल उठाए। नड्डा ने कहा कि आज लोकतंत्र की बात करने वाले कांग्रेस नेताओं को पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर नजर डालनी चाहिए।
मंगलवार, 3 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और समर्थक शामिल हुए। रैली में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी सहित एनडीए के कई नेता भी मौजूद रहे।
जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान करीब 1.30 लाख लोगों को जेल में बंद किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय लोगों को लंबे समय तक बिना सुनवाई और अपील के जेल में रहना पड़ा था।
इंदिरा गांधी के आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा
जेपी नड्डा ने 1975 में लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में आपातकाल के 22 महीनों के दौरान लगभग 1.30 लाख लोगों को जेल में डाला गया था।
नड्डा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि आज कांग्रेस नेता लोकतंत्र की रक्षा करने की बात कर रहे हैं, जबकि उनके परिवार के शासनकाल में लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे।
उन्होंने अपने भाषण में यह भी दावा किया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों ने भी उतने लोगों को जेल में नहीं डाला था, जितने लोगों को इंदिरा गांधी ने आपातकाल में बंद कराया था। बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर लोकतंत्र के नाम पर राजनीतिक संदेश देने का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग को लेकर INDIA गठबंधन पर साधा निशाना
बीजेपी नेता ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत INDIA गठबंधन के दलों पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है और राजनीतिक दलों को उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय जिम्मेदारी बरतनी चाहिए।
नड्डा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है।
वहीं, बीजेपी नेता ने अवैध मतदाताओं के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल नामों की पहचान कर उन्हें हटाया जाना चाहिए।
नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी ऐसे लोगों को संरक्षण देने की राजनीति कर रहे हैं। हालांकि, ये आरोप बीजेपी नेता ने अपने राजनीतिक संबोधन में लगाए हैं।
रामलीला मैदान की रैली के जवाब में बीजेपी का अभियान
बीजेपी की यह पदयात्रा विपक्ष के 'चलो दिल्ली' अभियान और रामलीला मैदान में आयोजित रैली के बाद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के खिलाफ बड़ी रैली की थी।
इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे। इससे पहले 31 अक्टूबर को विपक्ष ने मॉक संसद का आयोजन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव भी पारित किया था।
इसके जवाब में बीजेपी अलग-अलग राज्यों में पदयात्राओं और जनसभाओं के जरिए विपक्ष के आरोपों का मुकाबला कर रही है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में इसी अभियान के तहत पदयात्रा की थी।
बरेली में जेपी नड्डा की रैली ने साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग, मतदाता सूची और लोकतंत्र के मुद्दे पर बीजेपी तथा INDIA गठबंधन के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज हो रहा है।
