झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी की विवादित चेतावनी, बोले- 10 हजार लोगों के साथ CEC को रांची ले जाएंगे
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नई दिल्ली में INDIA गठबंधन की 'चलो दिल्ली' रैली के दौरान झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी के एक बयान ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया तो वह 10 हजार समर्थकों के साथ उन्हें रांची ले जाएंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
रविवार, 1 नवंबर को दिल्ली में ANI से बातचीत के दौरान इरफान अंसारी ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भारत में भी बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा लेने की मांग पर अडिग हैं। अंसारी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगा और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा।
हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त को जबरन रांची ले जाने संबंधी उनकी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा होना स्वाभाविक है। यह एक राजनीतिक नेता का बयान है, किसी आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं।
इरफान अंसारी ने 10 हजार समर्थकों के साथ रांची ले जाने की कही बात
इरफान अंसारी ने बातचीत के दौरान कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह 10 हजार लोगों के साथ उन्हें रांची ले जाने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान को विपक्ष के आंदोलन के दौरान दिया गया बेहद आक्रामक राजनीतिक बयान माना जा रहा है।
दरअसल, INDIA गठबंधन के नेता चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और पक्षपात के आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा दें और मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल किए जाएं।
इससे पहले शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी केंद्र सरकार और बीजेपी नेतृत्व पर निशाना साधा था। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में लाखों लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच रहे हैं। राउत ने कहा कि बैरिकेडिंग और रोकने की कोशिशों के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं होगा।
SIR प्रक्रिया और युवा मतदाताओं को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
INDIA गठबंधन की रैली में सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग ही नहीं उठी, बल्कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल किए गए।
पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सांसद वी. वैथिलिंगम ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के जरिए युवा मतदाताओं को जानबूझकर वोटर लिस्ट से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 में बदलाव करके युवाओं के मतदान अधिकार प्रभावित किए जा सकते हैं। वैथिलिंगम ने कहा कि देश के युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद नारायण दास अहिरवार ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से कथित रूप से मनमाने तरीके से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम तुरंत बहाल किए जाने चाहिए।
INDIA गठबंधन ने दिल्ली में बढ़ाया राजनीतिक दबाव
रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (UBT) और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। विपक्षी गठबंधन का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
संजय राउत ने भी कहा कि यह आंदोलन किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि जनता की आवाज है। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष आने वाले समय में भी दिल्ली में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करता रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इरफान अंसारी का बयान राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गया है। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर दबाव बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ मंत्री की चेतावनी ने आंदोलन की भाषा और राजनीतिक मर्यादा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
