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दिल्ली में आउटसोर्स कर्मचारियों को दिवाली से पहले मिलेगा बोनस, सरकार ने तय की 30 नवंबर की डेडलाइन

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दिल्ली में आउटसोर्स कर्मचारियों को दिवाली से पहले मिलेगा बोनस, सरकार ने तय की 30 नवंबर की डेडलाइन

 दिल्ली में सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार के श्रम विभाग ने आगामी त्योहारों से पहले इन कर्मचारियों को वैधानिक बोनस देने का निर्देश जारी किया है। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली के श्रम विभाग ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को सभी सरकारी विभागों, स्वायत्त संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को एडवाइजरी जारी की। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को उनका बोनस समय पर दिया जाए।

सरकार ने ठेकेदारों को बोनस भुगतान के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान कर्मचारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा करना है।

आउटसोर्स कर्मचारियों को कितना मिलेगा बोनस?

दिल्ली सरकार की एडवाइजरी के अनुसार, जिन आउटसोर्स कर्मचारियों का मासिक वेतन 21,000 रुपये तक है और जिन्होंने संबंधित लेखा वर्ष में कम से कम 30 दिन काम किया है, वे वैधानिक बोनस पाने के पात्र होंगे।

नए वेतन संहिता (Code on Wages, 2019) के प्रावधानों के तहत पात्र कर्मचारियों को न्यूनतम 8.33 प्रतिशत बोनस देना अनिवार्य है। वहीं, अधिकतम बोनस की सीमा 20 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये या संबंधित न्यूनतम मजदूरी, दोनों में से जो अधिक होगा, उसे आधार बनाया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 21,000 रुपये की मासिक वेतन सीमा अभी भी लागू है।

इसका मतलब है कि निर्धारित वेतन सीमा के भीतर आने वाले कर्मचारियों को उनके काम और लागू नियमों के अनुसार बोनस मिलेगा। वहीं, 21,000 रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बोनस देना नियोक्ता की इच्छा पर निर्भर करेगा।

30 नवंबर तक भुगतान जरूरी, ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

श्रम विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि ठेकेदारों को लेखा वर्ष समाप्त होने के आठ महीने के भीतर वैधानिक बोनस का भुगतान करना अनिवार्य है। इसी समयसीमा के तहत वित्त वर्ष 2025-26 का बोनस 30 नवंबर 2026 तक दिया जाना चाहिए।

एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि 21 नवंबर 2025 से Code on Wages, 2019 लागू हो चुका है। इसके लागू होने के बाद पहले का Payment of Bonus Act, 1965 निरस्त हो गया है। अब बोनस से संबंधित प्रावधान नई वेतन संहिता के अनुसार लागू होंगे।

श्रम विभाग ने ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि वे पात्र कर्मचारियों को बोनस देने में लापरवाही करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने के साथ बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

ठेकेदारों की गलती पर सरकारी विभाग भी होंगे जिम्मेदार

इस एडवाइजरी की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बोनस भुगतान की जिम्मेदारी केवल ठेकेदारों तक सीमित नहीं रखी गई है। Occupational Safety, Health and Working Conditions (OSH) Code, 2020 के प्रावधानों के अनुसार, यदि ठेकेदार वैधानिक बोनस का भुगतान नहीं करता है तो संबंधित Principal Employer यानी मुख्य नियोक्ता की भी जिम्मेदारी तय हो सकती है।

अतिरिक्त श्रम आयुक्त यू.के. सिन्हा की ओर से जारी निर्देश में सभी मुख्य नियोक्ताओं से कहा गया है कि वे अपने ठेकेदारों के माध्यम से पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर बोनस दिलाना सुनिश्चित करें।

इस फैसले से सरकारी कार्यालयों, स्वायत्त संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में संविदा एवं आउटसोर्स आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

कर्मचारियों के लिए जरूरी बात: यदि कोई पात्र कर्मचारी 30 नवंबर 2026 तक अपना वैधानिक बोनस प्राप्त नहीं करता है, तो वह संबंधित श्रम विभाग में शिकायत कर सकता है। दिल्ली सरकार का यह निर्देश त्योहारों से पहले कर्मचारियों को उनका कानूनी हक दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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