अनंत सिंह के पोते का वीडियो वायरल, गाने के बोलों ने खींचा ध्यान
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बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका एक पारिवारिक वीडियो है, जिसमें उनके पोते को जोशीले अंदाज में गाना गाते देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में अनंत सिंह पास में बैठकर मुस्कुराते हुए पोते का गाना सुनते नजर आते हैं। गाने के बोलों में विरोधियों और कथित झूठे मुकदमों का जिक्र है। अनंत सिंह के पोते का यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग गाने के बोलों को अनंत सिंह के मौजूदा राजनीतिक विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, वीडियो में पोते द्वारा गाया गया गाना किसी आधिकारिक राजनीतिक बयान या सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का जवाब है, ऐसा निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
वीडियो में क्या गाते नजर आ रहे हैं अनंत सिंह के पोते?
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में अनंत सिंह बिस्तर पर बैठे दिखाई देते हैं। उन्होंने काला चश्मा पहना हुआ है और उनके पास उनका पोता बैठा है।
इस दौरान पोता जोशीले अंदाज में एक गाना गाता है। गाने के बोलों में विरोधियों को लेकर कहा गया है कि वे जलते रह जाएंगे और कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे। इसमें झूठे मुकदमों से डराने और एक नाम की हर जगह चर्चा होने जैसी पंक्तियां भी शामिल हैं।
वीडियो में अनंत सिंह मुस्कुराते हुए पोते की प्रस्तुति सुनते दिखाई देते हैं। यही दृश्य सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच रहा है।
गाने के बोलों को लेकर लोग इसे अनंत सिंह के विरोधियों के लिए संदेश बता रहे हैं। हालांकि, यह सोशल मीडिया यूजर्स की व्याख्या है। वीडियो में गाने के जरिए किसी खास व्यक्ति या संस्था को सीधे संबोधित किए जाने की पुष्टि नहीं होती।
जदयू ने अनंत सिंह और नीलम देवी को क्यों निकाला?
इस वायरल वीडियो की चर्चा के बीच अनंत सिंह से जुड़ा राजनीतिक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण है। जनता दल यूनाइटेड ने 24 अक्टूबर 2026 को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने दोनों को छह साल के लिए बाहर करने का फैसला लिया। <Cite refs={["turn428064news0","turn428064search12"]}/>
जदयू की ओर से जारी आदेश में पार्टी विरोधी गतिविधियों और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी को कार्रवाई की वजह बताया गया। पार्टी का आरोप था कि अनंत सिंह ने उसके निर्देशों की अनदेखी करते हुए विधान परिषद चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार किया।
यह विवाद पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से जुड़ा था। जदयू ने इस सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था, जबकि अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था।
इस घटनाक्रम के बाद पार्टी नेतृत्व ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। नीलम देवी को भी इसी कार्रवाई के तहत छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया।
अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर भी उठा सवाल
जदयू ने पार्टी से निष्कासन के साथ अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर भी कदम उठाया। पार्टी ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी सदस्यता पर कार्रवाई करने की अनुशंसा की।
यहां यह समझना जरूरी है कि पार्टी की अनुशंसा और विधानसभा सदस्यता समाप्त होने का अंतिम निर्णय अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। सदस्यता को लेकर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विधानसभा अध्यक्ष को करना होता है। <Cite refs={["turn428064search12","turn428064search13"]}/>
इसलिए पार्टी से निष्कासन को अपने आप विधायक पद समाप्त होना नहीं माना जा सकता। इस मामले में आगे की संवैधानिक प्रक्रिया और आधिकारिक निर्णय महत्वपूर्ण होंगे।
नीलम देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस
जदयू की कार्रवाई के बाद नीलम देवी से जुड़ा सरकारी आवास का मामला भी सामने आया। पटना के मॉल रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करने के लिए भवन निर्माण विभाग ने उन्हें नोटिस जारी किया।
रिपोर्टों के मुताबिक, नीलम देवी को राज्यस्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की सदस्य के रूप में उपमंत्री का दर्जा मिला हुआ था। इसी आधार पर उन्हें सरकारी आवास आवंटित किया गया था। बाद में समिति से उनका मनोनयन समाप्त होने के बाद आवास खाली करने का नोटिस जारी हुआ।
नोटिस में 25 नवंबर 2026 तक आवास खाली करने की समय-सीमा दी गई है। यानी यह कार्रवाई पार्टी से निष्कासन के बाद हुए प्रशासनिक घटनाक्रम का हिस्सा है। <Cite refs={["turn428064search9","turn428064search10","turn428064search13"]}/>
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है वीडियो की चर्चा?
अनंत सिंह का राजनीतिक सफर और उनके बयान पहले भी बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में परिवार के सदस्य का जोशीले अंदाज में गाना गाते वीडियो सामने आने पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ना स्वाभाविक है।
इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स गाने के बोलों को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे परिवार के बीच का सामान्य वीडियो मान रहे हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में वीडियो के रिकॉर्ड होने की तारीख, इसे सबसे पहले किसने साझा किया और इसके पीछे का पूरा संदर्भ स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसके आधार पर किसी राजनीतिक संदेश या आधिकारिक चुनौती का दावा करना उचित नहीं होगा।
अब अनंत सिंह से जुड़े घटनाक्रम पर रहेगी नजर
एक तरफ अनंत सिंह और नीलम देवी के जदयू से निष्कासन का मामला है, तो दूसरी तरफ उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर पार्टी की अनुशंसा और नीलम देवी के सरकारी आवास का नोटिस चर्चा में है।
इसी बीच पोते का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आने वाले दिनों में विधानसभा अध्यक्ष की प्रक्रिया और सरकारी आवास खाली करने की समय-सीमा से जुड़े घटनाक्रम पर लोगों की नजर रहेगी।
