पटना में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का बड़ा प्लान
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बिहार की राजनीति में चुनाव आयोग को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। पटना में हुई गठबंधन की बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और आंदोलन का खाका सामने रखा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसद विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद बिहार में भी प्रखंड और जिला स्तर पर रैलियां निकाली जाएंगी। गठबंधन ने इस विरोध को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही है।
2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक विरोध प्रदर्शन की तैयारी
पटना में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक विरोध कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने कहा कि 6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सांसद प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करने का प्रयास करेगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष पहले से सवाल उठाता रहा है। उनके अनुसार, मतदाता सूची में नाम हटाने और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं।
हालांकि, ये सभी बातें तेजस्वी यादव और INDIA गठबंधन की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। चुनाव आयोग का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
चुनाव आयोग पर तेजस्वी यादव ने लगाए गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने उन्हें एक तरह से राजनीतिक इस्तेमाल के लिए आगे किया है।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और उसके निर्णयों पर पक्षपात के सवाल उठ रहे हैं। तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची में नाम हटने और कुछ जीवित लोगों को रिकॉर्ड में मृत बताए जाने का भी मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इन विषयों को पहले भी उठाया था, लेकिन अब उन्हें लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि चयन प्रक्रिया में विपक्ष की आपत्तियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
बिहार में चार-पांच बड़ी रैलियों की तैयारी
INDIA गठबंधन की बैठक में बिहार में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। तेजस्वी यादव ने बताया कि गठबंधन की ओर से चार से पांच रैलियां आयोजित करने की योजना है।
इन कार्यक्रमों के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि आंदोलन केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा। गठबंधन के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता जिला तथा प्रखंड स्तर पर भी विरोध दर्ज कराएंगे।
इससे बिहार में विपक्षी दलों की संयुक्त राजनीतिक गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
7 अक्टूबर को प्रखंड और जिला स्तर पर आक्रोश रैली
तेजस्वी यादव के अनुसार, 7 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सभी सहयोगी दल बिहार के प्रखंडों और जिलों में आक्रोश रैली निकालेंगे।
उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक विरोध दर्ज कराया जाएगा।
गठबंधन का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर जनता के बीच जाना जरूरी है।
विपक्षी दल इस आंदोलन को बिहार से शुरू करके राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात की भी तैयारी
विरोध प्रदर्शन के बाद INDIA गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करने की कोशिश करेगा। इस मुलाकात के दौरान चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार लोकतांत्रिक आंदोलनों की धरती रहा है और यहां से शुरू होने वाले मुद्दों का राष्ट्रीय प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि INDIA गठबंधन के सभी घटक दल इस मुद्दे पर साथ हैं और संयुक्त रूप से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पूरा घटनाक्रम?
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच पहले भी राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं। अब बिहार में SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों ने इस बहस को और ज्यादा राजनीतिक बना दिया है।
तेजस्वी यादव के ताजा बयान के बाद आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में विरोध प्रदर्शन और रैलियों का दौर बढ़ सकता है।
खास बात यह है कि गठबंधन ने विरोध को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय कई स्तरों पर आयोजित करने की योजना बताई है। ऐसे में 6 और 7 अक्टूबर के कार्यक्रमों पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।
