शिवहर में सेवा संकल्प 2026 की रंगोली ने दिखाया 25 साल का सफर
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👉 WhatsApp से जुड़ेंशिवहर में सेवा संकल्प 2026 के तहत नगर परिषद की ओर से बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को भव्य रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा संकल्प 2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम की थीम “25 साल, 25 उपलब्धियाँ – सेवा, सुशासन और विकास” रही। रंगों और कलात्मक आकृतियों के जरिए जनकल्याण, विकास, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे विषयों को लोगों के सामने रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बीते वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में हुई उपलब्धियों और जनकल्याणकारी पहलों को आम नागरिकों तक सरल एवं आकर्षक माध्यम से पहुंचाना था। रंगोली को जनजागरूकता और जनभागीदारी से जोड़ने की कोशिश भी इस आयोजन में दिखाई दी।
रंगोली में दिखी विकास और जनकल्याण की तस्वीर
नगर परिषद शिवहर द्वारा आयोजित रंगोली कार्यक्रम में विकास के कई महत्वपूर्ण आयामों को अलग-अलग आकृतियों और रंगों के माध्यम से उकेरा गया। इसमें गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, स्वच्छ भारत अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय प्रमुख रहे।
रंगोली में ग्रामीण विकास और सुशासन से जुड़े संदेश भी शामिल किए गए। विभिन्न प्रतीकों और रचनात्मक डिजाइनों के माध्यम से सरकारी योजनाओं तथा विकासोन्मुख पहलों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि विकास के विषय को केवल आंकड़ों या योजनाओं तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे कला के माध्यम से आम लोगों के लिए सहज और समझने योग्य बनाया गया।
बिहार की संस्कृति और विरासत की भी दिखी झलक
कार्यक्रम में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित रंगोलियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इनमें प्रदेश की लोक कला, संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक विविधता को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।
इन रंगोलियों के जरिए विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने का संदेश भी दिया गया। आयोजन ने यह विचार सामने रखा कि किसी क्षेत्र की प्रगति केवल आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसकी परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत भी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
शिवहर में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर कला और जनजागरूकता के बीच एक प्रभावी जुड़ाव बनाने की कोशिश की।
कार्यपालक पदाधिकारी ने जनभागीदारी पर दिया जोर
नगर परिषद, शिवहर के कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि कला संवाद और जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम है। उनके अनुसार, रंगों और रचनात्मकता के जरिए विकास की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने से नागरिकों को शासन और विकास की प्रक्रिया से जोड़ने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ सकती है। साथ ही, इससे जनभागीदारी की भावना को भी मजबूती मिलती है।
कार्यपालक पदाधिकारी के अनुसार, सेवा, सुशासन और विकास की अवधारणा तभी पूरी तरह सार्थक हो सकती है, जब नागरिक विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनें।
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य से जोड़ा गया आयोजन
कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि “विकसित भारत–2047” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और सुशासन जैसे क्षेत्रों में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
नगर परिषद की ओर से आयोजित यह रंगोली कार्यक्रम इसी सोच के तहत नागरिकों को जागरूक और प्रेरित करने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि विकास का अर्थ केवल सड़क, भवन या दूसरी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण नहीं है। बेहतर नागरिक सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, महिलाओं की भागीदारी और पारदर्शी प्रशासन भी विकास के अहम हिस्से हैं।
“25 साल, 25 उपलब्धियाँ” थीम ने खींचा ध्यान
“25 साल, 25 उपलब्धियाँ – सेवा, सुशासन और विकास” की थीम ने पूरे आयोजन को एक स्पष्ट संदेश दिया। रंगोली के माध्यम से उपलब्धियों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने से लोगों के लिए विभिन्न विषयों को समझना आसान हुआ।
आयोजन ने जनसेवा और विकास की अवधारणा को स्थानीय स्तर पर रचनात्मक अभिव्यक्ति दी। साथ ही, नागरिकों के बीच जागरूकता और सकारात्मक सहभागिता बढ़ाने का संदेश भी दिया गया।
शिवहर में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण रहा कि सामाजिक और विकास संबंधी संदेशों को कला एवं संस्कृति के माध्यम से भी प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
